📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rjain1998
राजनीति
एमएनएस और यूबीटी सेना ने फडनविस की मराठी नियम विस्तार पर की निंदा
✍️ The Economic Times
🗓 29 अग. 2026, 11:03 AM
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महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियों एमएनएस और यूबीटी सेना ने फडनविस द्वारा मराठी नियम के विस्तार की राजनीतिक मंशा बताकर निंदा की।
महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडनविस को मराठी भाषा नियम के विस्तार की घोषणा पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र निर्माण सेना (एमएनएस) और उद्धव बालासाहेब ठाकरे सेना (यूबीटी सेना) ने इस कदम को राजनीतिक चाल कहा और निंदा की।
इस विस्तार से मराठी भाषा का आधिकारिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में दायरा बढ़ाने का इरादा बताया गया, जिसे फडनविस ने क्षेत्रीय पहचान को सुदृढ़ करने के रूप में पेश किया। लेकिन दोनों क्षेत्रीय दलों का कहना है कि यह कदम राज्य की धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करता है और चुनावी लाभ के लिए किया गया है।
एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे और यूबीटी सेना के नेता राजेंद्र पाटिल ने कहा कि यह नीति व्यावहारिक नहीं है और मराठी उग्रवाद को बढ़ावा देती है। उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने और सरकार को विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस विरोध से महाराष्ट्र की मुख्य सत्ता और छोटे क्षेत्रीय दलों के बीच तनाव स्पष्ट होता है, जहाँ भाषा मुद्दे को राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस विस्तार से मराठी भाषा का आधिकारिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में दायरा बढ़ाने का इरादा बताया गया, जिसे फडनविस ने क्षेत्रीय पहचान को सुदृढ़ करने के रूप में पेश किया। लेकिन दोनों क्षेत्रीय दलों का कहना है कि यह कदम राज्य की धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करता है और चुनावी लाभ के लिए किया गया है।
एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे और यूबीटी सेना के नेता राजेंद्र पाटिल ने कहा कि यह नीति व्यावहारिक नहीं है और मराठी उग्रवाद को बढ़ावा देती है। उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने और सरकार को विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस विरोध से महाराष्ट्र की मुख्य सत्ता और छोटे क्षेत्रीय दलों के बीच तनाव स्पष्ट होता है, जहाँ भाषा मुद्दे को राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।