📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flag Creator
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिज़ोरम के मारा काउंसिल ने MLA‑MP पदों का द्वैध धारण निषेध किया
✍️ India Today NE
🗓 16 सित. 2026, 02:16 AM
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मिज़ोरम के मारा स्वायत्त जिला परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपने सदस्यों को एक साथ MLA और MP पद धारण करने से रोक दिया है।
मिज़ोरम के मारा स्वायत्त जिला परिषद (Mara ADC) ने एक नया नियम जारी किया है, जिसके तहत उसके सदस्य एक साथ विधायक (MLA) और सांसद (MP) पद नहीं धारण कर सकेंगे। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें दोहरी विधायी पदधारण को असंगत बताया गया था।
परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम प्रतिनिधियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने और हितों के टकराव से बचाने के लिए है। यह नियम वर्तमान तथा भविष्य के सभी परिषद सदस्यों पर लागू होगा, जो राज्य या राष्ट्रीय विधानसभाओं में चुने गए हों।
सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में स्पष्ट किया था कि एक व्यक्ति को दो विधायी सीटें एक साथ नहीं रखनी चाहिए। मारा परिषद का इस आदेश का पालन क्षेत्र में न्यायिक निर्णयों का सम्मान और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम प्रतिनिधियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने और हितों के टकराव से बचाने के लिए है। यह नियम वर्तमान तथा भविष्य के सभी परिषद सदस्यों पर लागू होगा, जो राज्य या राष्ट्रीय विधानसभाओं में चुने गए हों।
सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में स्पष्ट किया था कि एक व्यक्ति को दो विधायी सीटें एक साथ नहीं रखनी चाहिए। मारा परिषद का इस आदेश का पालन क्षेत्र में न्यायिक निर्णयों का सम्मान और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।