📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / T. R. Shankar Raman
कृषि
मिज़ोराम की पूर्व शिक्षिका, किसान बनीं, को यूएन से सम्मान मिला
✍️ The Times of India
🗓 05 अक्टू. 2026, 11:02 AM
👁 20
मिज़ोराम की एक महिला, जिसने शिक्षिका के रूप में काम छोड़कर खेती शुरू की, को सतत कृषि में योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा सम्मानित किया गया।
संयुक्त राष्ट्र ने मिज़ोराम की एक महिला को सतत कृषि में उनके अग्रणी कार्य के लिए सम्मानित किया है, जिन्होंने शिक्षिका के रूप में करियर छोड़कर खेती शुरू की।
इस पुरस्कार ने उनके पर्यावरण‑अनुकूल खेती प्रथाओं को उजागर किया है, जिनसे स्थानीय खाद्य सुरक्षा में वृद्धि हुई और ग्रामीण विकास के लिए एक मॉडल स्थापित हुआ।
कक्षा से खेत तक की उनकी यात्रा शिक्षकों के कौशल को कृषि नवाचार में लागू करने के बढ़ते रुझान को दर्शाती है, जिसमें ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव का संगम है।
यूएन का यह मान्यता वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में जमीनी पहलों के महत्व को रेखांकित करती है और भारत में महिला किसानों की संभावनाओं पर प्रकाश डालती है।
इस पुरस्कार ने उनके पर्यावरण‑अनुकूल खेती प्रथाओं को उजागर किया है, जिनसे स्थानीय खाद्य सुरक्षा में वृद्धि हुई और ग्रामीण विकास के लिए एक मॉडल स्थापित हुआ।
कक्षा से खेत तक की उनकी यात्रा शिक्षकों के कौशल को कृषि नवाचार में लागू करने के बढ़ते रुझान को दर्शाती है, जिसमें ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव का संगम है।
यूएन का यह मान्यता वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में जमीनी पहलों के महत्व को रेखांकित करती है और भारत में महिला किसानों की संभावनाओं पर प्रकाश डालती है।