📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rejoice Gassah
बिज़नेस
मिज़ोरम ने स्थानीय फ्रूट बीयर निर्माण के लिए 11 कंपनियों को लाइसेंस दिया
✍️ EastMojo
🗓 21 अग. 2026, 03:33 AM
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मिज़ोरम सरकार ने स्थानीय फल‑बीयर ब्रुअरी स्थापित करने के लिए 11 आवेदनों को मंजूरी दी, जिससे घरेलू पेय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
मिज़ोरम राज्य सरकार ने फल‑आधारित बीयर बनाने की इच्छा रखने वाले ग्यारह उद्यमियों को लाइसेंस प्रदान कर दिया है। यह मंजूरी खाद्य व सिविल सप्लाई विभाग ने जारी की, जो राज्य में स्थानीय फल बीयर के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में पहला कदम है।
फल बीयर, पारम्परिक ब्रूइंग को क्षेत्रीय फलों के अर्क के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है और इसे मिज़ोरम की समृद्ध फसल, जैसे अनानास, संतरा और अन्य उष्णकटिबंधीय फलों को मूल्यवर्धन करने का अवसर माना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को नई बाजार संभावनाएँ मिलेंगी और निर्यात में भी वृद्धि हो सकती है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस के साथ कड़े गुणवत्ता मानक और कच्चे माल का कम से कम 60 % स्थानीय फसलों से स्रोत करने की शर्त जुड़ी है। निर्माताओं से उम्मीद की जा रही है कि वे वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्पादन शुरू कर देंगे, जिसके लिए कई करोड़ रुपये का निवेश आवश्यक होगा।
यह कदम मिज़ोरम की आर्थिक विविधीकरण नीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य पारम्परिक कृषि से हटकर उच्च मार्जिन वाले उत्पादों को बढ़ावा देना है। फल‑आधारित शराबी पेय को प्रोत्साहित करके रोजगार सृजन, ग्रामीण आय में वृद्धि और भारत के उभरते क्राफ्ट‑बीयर बाजार में राज्य की स्थिति मजबूत करने की आशा की गई है।
विभाग लाइसेंस शर्तों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा करेगा कि यह पहल सतत विकास और उपभोक्ता सुरक्षा में योगदान दे।
फल बीयर, पारम्परिक ब्रूइंग को क्षेत्रीय फलों के अर्क के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है और इसे मिज़ोरम की समृद्ध फसल, जैसे अनानास, संतरा और अन्य उष्णकटिबंधीय फलों को मूल्यवर्धन करने का अवसर माना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को नई बाजार संभावनाएँ मिलेंगी और निर्यात में भी वृद्धि हो सकती है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस के साथ कड़े गुणवत्ता मानक और कच्चे माल का कम से कम 60 % स्थानीय फसलों से स्रोत करने की शर्त जुड़ी है। निर्माताओं से उम्मीद की जा रही है कि वे वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्पादन शुरू कर देंगे, जिसके लिए कई करोड़ रुपये का निवेश आवश्यक होगा।
यह कदम मिज़ोरम की आर्थिक विविधीकरण नीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य पारम्परिक कृषि से हटकर उच्च मार्जिन वाले उत्पादों को बढ़ावा देना है। फल‑आधारित शराबी पेय को प्रोत्साहित करके रोजगार सृजन, ग्रामीण आय में वृद्धि और भारत के उभरते क्राफ्ट‑बीयर बाजार में राज्य की स्थिति मजबूत करने की आशा की गई है।
विभाग लाइसेंस शर्तों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा करेगा कि यह पहल सतत विकास और उपभोक्ता सुरक्षा में योगदान दे।