📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Youth Affairs and Sports
खेल
मिराबाई चानू ने ग्लासगो स्वर्ण की याद दिलाई, वर्षों के संघर्ष के बाद
✍️ Telangana Today
🗓 11 अग. 2026, 06:35 AM
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वेटलिफ्टर मिराबाई चानू ने ग्लासगो में स्वर्ण जीतते हुए अनुभव की भावनात्मक याद ताज़ा की, वर्षों के संघर्ष को रेखांकित करते हुए।
वेटलिफ्टर मिराबाई चानू ने ग्लासगो में स्वर्ण जीतते हुए अनुभव की भावनात्मक याद ताज़ा की, वर्षों के संघर्ष को रेखांकित करते हुए।
27‑वर्षीय ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 49‑किलो वर्ग में 210 किलोग्राम का कुल उठाकर भारत का पहला स्वर्ण हासिल किया। यह जीत उन चुनौतियों के बाद आई जब वह चोटों और प्रदर्शन में गिरावट से जूझ रही थीं।
अपनी याद में, चानू ने उस क्षण की भावनात्मक गहराई पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि महीनों की कड़ी मेहनत और रिकवरी के बाद जीतने का अनुभव कैसा था। उन्होंने अपने कोचों और परिवार के समर्थन को भी स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें कठिन समय में मार्गदर्शन दिया।
इस स्वर्ण पदक ने न केवल भारत के पदक तालिका में योगदान दिया, बल्कि देशभर के उभरते एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना, यह दर्शाते हुए कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और दृढ़ता से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
27‑वर्षीय ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 49‑किलो वर्ग में 210 किलोग्राम का कुल उठाकर भारत का पहला स्वर्ण हासिल किया। यह जीत उन चुनौतियों के बाद आई जब वह चोटों और प्रदर्शन में गिरावट से जूझ रही थीं।
अपनी याद में, चानू ने उस क्षण की भावनात्मक गहराई पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि महीनों की कड़ी मेहनत और रिकवरी के बाद जीतने का अनुभव कैसा था। उन्होंने अपने कोचों और परिवार के समर्थन को भी स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें कठिन समय में मार्गदर्शन दिया।
इस स्वर्ण पदक ने न केवल भारत के पदक तालिका में योगदान दिया, बल्कि देशभर के उभरते एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना, यह दर्शाते हुए कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और दृढ़ता से सफलता प्राप्त की जा सकती है।