📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
नौकरी
मंत्री डीके शिवाकुमार ने बेंगलुरु आईटी कंपनियों को कन्नड़ नौकरी वीडियो पर चेतावनी दी
✍️ NDTV
🗓 26 अक्टू. 2026, 04:38 AM
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बेंगलुरु आईटी कंपनियों में कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों को नौकरी न मिलने का दावा करने वाला वीडियो वायरल होने पर मंत्री डीके शिवाकुमार ने भाषा भेदभाव के खिलाफ चेतावनी दी।
बेंगलुरु के आईटी कंपनियों में कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों को नौकरी नहीं मिलने का दावा करने वाला एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिससे स्थानीय नौकरी चाहने वालों में चिंता बढ़ी।
कर्नाटक के आईटी और उद्योग मंत्री डीके शिवाकुमार ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाषा के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने बेंगलुरु के आईटी फर्मों को राज्य की भाषा नीति का पालन करने और कन्नड़ भाषी आवेदकों को समान अवसर देने की चेतावनी दी, साथ ही गैर‑अनुपालन पर कानूनी परिणामों का उल्लेख किया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस विशेष वीडियो पर टिप्पणी नहीं की, पर यह बताया कि अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां मेरिट‑आधारित भर्ती पर कायम हैं और वे समावेशी भर्ती प्रक्रियाओं को लागू करती हैं। मंत्रियों के बयान के बाद कई कंपनियों ने अपनी भर्ती नीतियों को दोबारा पुष्टि किया और संभावित पक्षपात की निगरानी करने का आश्वासन दिया।
यह घटना कर्नाटक की कार्यस्थल में कन्नड़ को बढ़ावा देने की नीति और वैश्विक तकनीकी क्षेत्र के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है। अधिकारियों ने कहा है कि वे स्थिति की करीबी निगरानी करेंगे और भाषा‑समावेशन नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी फर्म के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
कर्नाटक के आईटी और उद्योग मंत्री डीके शिवाकुमार ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाषा के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने बेंगलुरु के आईटी फर्मों को राज्य की भाषा नीति का पालन करने और कन्नड़ भाषी आवेदकों को समान अवसर देने की चेतावनी दी, साथ ही गैर‑अनुपालन पर कानूनी परिणामों का उल्लेख किया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस विशेष वीडियो पर टिप्पणी नहीं की, पर यह बताया कि अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां मेरिट‑आधारित भर्ती पर कायम हैं और वे समावेशी भर्ती प्रक्रियाओं को लागू करती हैं। मंत्रियों के बयान के बाद कई कंपनियों ने अपनी भर्ती नीतियों को दोबारा पुष्टि किया और संभावित पक्षपात की निगरानी करने का आश्वासन दिया।
यह घटना कर्नाटक की कार्यस्थल में कन्नड़ को बढ़ावा देने की नीति और वैश्विक तकनीकी क्षेत्र के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है। अधिकारियों ने कहा है कि वे स्थिति की करीबी निगरानी करेंगे और भाषा‑समावेशन नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी फर्म के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।