📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Communications
टेक्नोलॉजी
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का AI हेल्थकेयर सम्मेलन
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🗓 18 अक्टू. 2026, 03:32 PM
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भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा समर्थित सम्मेलन में उद्योग के नेताओं और शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवा और सहायक तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिवर्तनकारी प्रभाव पर चर्चा की।
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित यह सम्मेलन नई दिल्ली में हुआ, जहाँ नीति-निर्माता, टेक उद्यमी और चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवा में एआई की संभावनाओं पर चर्चा की। सत्रों में एआई‑आधारित निदान, रोगी प्रबंधन के लिए भविष्यवाणी विश्लेषण और चिकित्सा इमेजिंग में मशीन लर्निंग के एकीकरण पर प्रकाश डाला गया।
पैनलिस्टों ने बताया कि एआई कैसे निदान त्रुटियों को कम कर सकता है, अस्पताल के कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित कर सकता है और पुरानी स्थितियों के लिए दूरस्थ निगरानी को सक्षम बना सकता है। सम्मेलन ने सहायक तकनीक में एआई की भूमिका पर भी चर्चा की, जैसे स्मार्ट प्रोस्थेटिक्स, आवाज‑नियंत्रित चिकित्सा उपकरण और विकलांग रोगियों के लिए अनुकूलनशील सीखने के उपकरण।
उद्योग के नेताओं ने डेटा शासन और बहु‑विषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि अपनाने को तेज किया जा सके। मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने एआई और स्वास्थ्य के संगम पर काम कर रहे स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए एक संयुक्त शोध पहल और फंडिंग योजना की घोषणा की।
सम्मेलन ने सार्वजनिक‑निजी साझेदारियों के लिए आह्वान के साथ समाप्त हुआ, ताकि नवाचार, नियामक स्पष्टता और एआई‑सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुँच के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जा सके।
पैनलिस्टों ने बताया कि एआई कैसे निदान त्रुटियों को कम कर सकता है, अस्पताल के कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित कर सकता है और पुरानी स्थितियों के लिए दूरस्थ निगरानी को सक्षम बना सकता है। सम्मेलन ने सहायक तकनीक में एआई की भूमिका पर भी चर्चा की, जैसे स्मार्ट प्रोस्थेटिक्स, आवाज‑नियंत्रित चिकित्सा उपकरण और विकलांग रोगियों के लिए अनुकूलनशील सीखने के उपकरण।
उद्योग के नेताओं ने डेटा शासन और बहु‑विषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि अपनाने को तेज किया जा सके। मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने एआई और स्वास्थ्य के संगम पर काम कर रहे स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए एक संयुक्त शोध पहल और फंडिंग योजना की घोषणा की।
सम्मेलन ने सार्वजनिक‑निजी साझेदारियों के लिए आह्वान के साथ समाप्त हुआ, ताकि नवाचार, नियामक स्पष्टता और एआई‑सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुँच के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जा सके।