📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
स्थानीय
मेघालय के छोटे खनिक 12‑वर्षीय प्रतिबंध के बाद लंबा रास्ता
✍️ Hub News
🗓 14 अक्टू. 2026, 09:33 AM
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मेघालय में छोटे खनिकों पर 12 वर्ष पहले लगाया गया प्रतिबंध अभी भी लागू है, जिससे स्थानीय खनिकों को काम पर लौटने के लिए कठिन रास्ता तय करना पड़ रहा है।
मेघालय सरकार ने 12 वर्ष पहले लगाए गए छोटे खनिक प्रतिबंध को अभी भी लागू रखा है, जिससे स्थानीय खनिकों को काम पर लौटने से रोका गया है।
पर्यावरणीय क्षति और अवैध खनन प्रथाओं को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके कारण कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
खनिकों और समुदाय के नेताओं ने अब नियमन के तहत छोटे खनन को फिर से शुरू करने का रास्ता खोजने की मांग की है, यह कहते हुए कि यह आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी कर सकता है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध हटाने के किसी भी निर्णय के लिए कड़े सुरक्षा उपाय और स्पष्ट दिशानिर्देश आवश्यक होंगे।
यह स्थिति मेघालय के ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है, और हितधारक एक स्पष्ट नीति निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
पर्यावरणीय क्षति और अवैध खनन प्रथाओं को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके कारण कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
खनिकों और समुदाय के नेताओं ने अब नियमन के तहत छोटे खनन को फिर से शुरू करने का रास्ता खोजने की मांग की है, यह कहते हुए कि यह आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी कर सकता है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध हटाने के किसी भी निर्णय के लिए कड़े सुरक्षा उपाय और स्पष्ट दिशानिर्देश आवश्यक होंगे।
यह स्थिति मेघालय के ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है, और हितधारक एक स्पष्ट नीति निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।