📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Timothy A. Gonsalves
कृषि
मेघालय ने बांस कार्बन परियोजना के जरिए क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली की घोषणा
✍️ menafn.com
🗓 15 अग. 2026, 09:33 AM
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मेघालय सरकार ने बांस आधारित कार्बन कैप्चर परियोजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली और ग्रामीण आय बढ़ाना है।
मेघालय ने बांस आधारित कार्बन कैप्चर परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली और ग्रामीण आय बढ़ाना है। इस पहल के तहत तेजी से बढ़ने वाली बांस प्रजातियों को पहचानी गई वेस्टलैंड्स में बड़े पैमाने पर लगाया जाएगा, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और स्थानीय समुदायों के लिए नई रोजगार संभावनाएँ पैदा होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बांस प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष 10 टन तक CO2 अवशोषित कर सकता है, जिससे यह जलवायु शमन के लिए एक प्रभावी साधन बनता है। राज्य सरकार बांस के पौधे, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करेगी, साथ ही कार्बन क्रेडिट ट्रैक करने के लिए एक मॉनिटरिंग ढाँचा भी स्थापित करेगी।
पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और आर्थिक विकास को जोड़कर, यह परियोजना मेघालय के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्षतिग्रस्त परिदृश्यों को उत्पादक संसाधन में बदलने का लक्ष्य रखती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बांस प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष 10 टन तक CO2 अवशोषित कर सकता है, जिससे यह जलवायु शमन के लिए एक प्रभावी साधन बनता है। राज्य सरकार बांस के पौधे, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करेगी, साथ ही कार्बन क्रेडिट ट्रैक करने के लिए एक मॉनिटरिंग ढाँचा भी स्थापित करेगी।
पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और आर्थिक विकास को जोड़कर, यह परियोजना मेघालय के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्षतिग्रस्त परिदृश्यों को उत्पादक संसाधन में बदलने का लक्ष्य रखती है।