📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stechondanet
विज्ञान
मेघालय हाई कोर्ट ने आदेश, शिलॉंग के एफएसएल ने रसायन की कमी से डीएनए परीक्षण रोक दिया
✍️ Hub News
🗓 09 सित. 2026, 12:18 PM
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शिलॉंग के फॉरेंसिक साइंस लैब ने रसायनों की कमी के कारण डीएनए परीक्षण रोक दिया, जिससे मेघालय हाई कोर्ट ने स्थिति की जमीनी रिपोर्ट माँगी है।
शिलॉंग स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने आवश्यक रसायनों की कमी के कारण सभी डीएनए परीक्षणों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। यह लैब मेघालय में चल रहे आपराधिक मामलों में डीएनए विश्लेषण करती है, लेकिन रियाजेंट की कमी के कारण नए नमूनों की प्रक्रिया संभव नहीं है।
इस पर मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्थिति की जमीनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, जिसमें कमी के कारणों और लैब को फिर से चालू करने के उपायों की जानकारी मांगी गई है। न्यायालय की यह कार्रवाई डीएनए साक्ष्य की महत्ता को दर्शाती है और आपूर्ति समस्या के शीघ्र समाधान की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
एफएसएल के अधिकारियों ने बताया कि वे आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क कर वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच, डीएनए प्रोफ़ाइलिंग पर निर्भर चल रहे मामलों में देरी हो सकती है, जिससे राज्य में आपराधिक मुकदमों की सुनवाई और न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इस पर मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्थिति की जमीनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, जिसमें कमी के कारणों और लैब को फिर से चालू करने के उपायों की जानकारी मांगी गई है। न्यायालय की यह कार्रवाई डीएनए साक्ष्य की महत्ता को दर्शाती है और आपूर्ति समस्या के शीघ्र समाधान की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
एफएसएल के अधिकारियों ने बताया कि वे आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क कर वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच, डीएनए प्रोफ़ाइलिंग पर निर्भर चल रहे मामलों में देरी हो सकती है, जिससे राज्य में आपराधिक मुकदमों की सुनवाई और न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।