📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Meghalaya High Court
अपराध
मेघालय एचसी ने पॉक्सो मामला रद्द किया
✍️ India Today NE
🗓 15 जुल. 2026, 02:48 AM
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मेघालय उच्च न्यायालय ने एक जोड़े के खिलाफ पॉक्सो मामला रद्द कर दिया है, जो खासी रीति-रिवाज के तहत दो बच्चों के पिता हैं। न्यायालय का यह फैसला राज्य के विशिष्ट सांस्कृतिक संदर्भ पर आधारित है।
एक महत्वपूर्ण निर्णय में, मेघालय उच्च न्यायालय ने बाल यौन शोषण से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामला रद्द कर दिया है। यह मामला एक जोड़े से संबंधित था, जो दो बच्चों के माता-पिता हैं, जो खासी रीति-रिवाज के तहत एक साथी के रूप में मान्य हैं। मेघालय में प्रचलित यह रीति-रिवाज, एक विशिष्ट प्रकार के संघ की अनुमति देता है जो पारंपरिक विवाह मानकों के अनुरूप नहीं हो सकता है। पॉक्सो मामला रद्द करने के न्यायालय के निर्णय ने कानून के प्रवर्तन में स्थानीय रीति-रिवाज और परंपराओं पर विचार के महत्व पर जोर दिया है। मेघालय के मूल निवासी खासी समुदाय की अपनी विशिष्ट सामाजिक और सांस्कृतिक प्रथाएं हैं, जिनका कानूनी प्रणाली को सम्मान और स्वीकृति देनी चाहिए। ऐसा करके, न्यायालय ने न्यायिक कार्यवाही में सांस्कृतिक संवेदनशीलता के सिद्धांत को पुनः स्थापित किया है।