📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Johnchhana
अपराध
शिलॉन्ग में तोड़-फोड़ के बाद मेघालय फोरम ने मास्कधारी विरोधियों पर रोक का आदेश मांगा
✍️ India Today NE
🗓 23 अग. 2026, 01:04 PM
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मेघालय के एक फोरम ने शिलॉन्ग में हुए तोड़-फोड़ के बाद मास्कधारी विरोधियों को रोकने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में हुई तोड़-फोड़ के बाद, एक स्थानीय नागरिक फोरम ने मेघालय हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। फोरम का कहना है कि कई मास्कधारी समूहों ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ा, जिससे शहर की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ।
याचिका में फोरम ने कोर्ट से अस्थायी आदेश की मांग की है, जिससे मास्क पहने हुए किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या सभा प्रतिबंधित हो सके। यह तर्क दिया गया है कि मास्क पहनने से पुलिस को अपराधियों की पहचान करने में कठिनाई होती है और कानून व्यवस्था लागू करना मुश्किल हो जाता है।
फोरम ने राज्य पुलिस को इस प्रतिबंध को लागू करने और उसकी निगरानी करने के निर्देश भी मांगे हैं, साथ ही भविष्य में समान घटनाओं को रोकने के लिए प्रदर्शन नियमों की समीक्षा का प्रस्ताव रखा है।
अब तक अधिकारियों ने इस याचिका पर कोई टिप्पणी नहीं की है और हाई कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा है। यह मामला मेघालय और अन्य राज्यों में मास्कधारी प्रदर्शनों के प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
याचिका में फोरम ने कोर्ट से अस्थायी आदेश की मांग की है, जिससे मास्क पहने हुए किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या सभा प्रतिबंधित हो सके। यह तर्क दिया गया है कि मास्क पहनने से पुलिस को अपराधियों की पहचान करने में कठिनाई होती है और कानून व्यवस्था लागू करना मुश्किल हो जाता है।
फोरम ने राज्य पुलिस को इस प्रतिबंध को लागू करने और उसकी निगरानी करने के निर्देश भी मांगे हैं, साथ ही भविष्य में समान घटनाओं को रोकने के लिए प्रदर्शन नियमों की समीक्षा का प्रस्ताव रखा है।
अब तक अधिकारियों ने इस याचिका पर कोई टिप्पणी नहीं की है और हाई कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा है। यह मामला मेघालय और अन्य राज्यों में मास्कधारी प्रदर्शनों के प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।