🔥 ट्रेंडिंग एमपी हाई कोर्ट ने पिता को 4‑साल के बच्... वेस्ट बंगाल में 7 अक्टूबर 2026 को सिल्... पश्चिम बंगाल ने नगरपालिका में शराब लाइ... बीएसईबी ने 2026 कक्षा‑6 प्रवेश पत्र 9... વિજયનગરમાં રાજીનામાની માંગતી રેલી, તુષ... वेस्ट बंगाल ने महिलाओं के लिए 50,000 र...
07 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
मेघालय के उपमुख्य मंत्री ने कहा, स्वास्थ्य संभालने के बाद शिशु मृत्यु में कमी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
स्वास्थ्य

मेघालय के उपमुख्य मंत्री ने कहा, स्वास्थ्य संभालने के बाद शिशु मृत्यु में कमी

✍️ Hub News 🗓 07 अक्टू. 2026, 01:01 PM 👁 19
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मेघालय के उपमुख्य मंत्री ने बताया कि जब उन्होंने स्वास्थ्य विभाग संभाला था तो सालाना लगभग 8,000 शिशु मरते थे, अब स्वास्थ्य पहलों से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

मेघालय के उपमुख्य मंत्री ने राज्य में शिशु मृत्यु दर में आए बड़े बदलाव को रेखांकित किया, यह बताते हुए कि जब वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी ली थी तब लगभग 8,000 शिशु प्रतिवर्ष मरते थे। उन्होंने मेघालय विकास एजेंसी और राज्य स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों को इस सुधार का मुख्य कारण बताया। विस्तारित टीकाकरण अभियान, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण और पोषण कार्यक्रमों जैसी नई पहलों ने इस गिरावट में योगदान दिया है। यद्यपि वर्तमान आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए, अधिकारियों का कहना है कि गिरावट उल्लेखनीय है और मातृ‑शिशु स्वास्थ्य पर सरकार के फोकस को दर्शाती है। उपमुख्य मंत्री ने इस प्रगति को बनाए रखने और शिशु मृत्यु को और कम करने के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी की अपील की।

यह स्वास्थ्य सुधार मेघालय की सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के अंतर्गत आया है, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाना शामिल है। विशेषज्ञ इस प्रगति को उत्तरपूर्वी राज्यों के लिए एक मॉडल मानते हैं। सरकार ने सफल पहलों को दूरस्थ जिलों में भी लागू करने की योजना बनाई है।

स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घोषणा का स्वागत किया, यह रेखांकित करते हुए कि कम शिशु मृत्यु दर को बनाए रखने के लिए निरंतर राजनीतिक इच्छा शक्ति और पर्याप्त वित्तीय समर्थन आवश्यक है। उन्होंने भविष्य की नीतियों को दिशा देने के लिए डेटा संग्रह जारी रखने की मांग की।
📲Get App