📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
राजनीति
मेघालय के सीएम ने कटकाय रिपोर्ट के बाद खनन बंदी पायलट प्रोजेक्ट्स की घोषणा की
✍️ Hub News
🗓 14 अक्टू. 2026, 06:16 AM
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मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन बंदी के पायलट प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं और कटकाय रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
शिलॉन्ग, मेघालय – राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय खनन स्थलों को बंद करने के पायलट प्रोजेक्ट्स वर्तमान में तैयार किए जा रहे हैं और आवश्यक मंजूरी जल्द ही मिलने की संभावना है। यह बयान कटकाय रिपोर्ट के संदर्भ में दिया गया, जिसमें क्षेत्र में खनन से जुड़ी पर्यावरणीय और सामाजिक समस्याओं को उजागर किया गया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये पायलट पहल व्यापक खनन‑बंदी रणनीतियों के लिए एक परीक्षण मंच के रूप में कार्य करेगी, जिससे प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं और समुदाय पर प्रभाव का मूल्यांकन किया जा सकेगा। संबंधित विभागों से औपचारिक मंजूरी आने वाले हफ्तों में मिलने की उम्मीद है, जिससे पहली बंदी प्रक्रियाएँ शुरू हो सकेंगी।
यह कदम मेघालय की पर्यावरणीय क्षति को कम करने और खनन पर निर्भर समुदायों की आजीविका को संतुलित करने के प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट्स में पुनर्वास उपाय और वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रम शामिल होंगे, जिससे आर्थिक व्यवधान को न्यूनतम किया जा सके।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों से सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि कार्यान्वयन प्रक्रिया सुगम हो सके।
आगामी मंजूरियों से अन्य खनन‑प्रधान राज्यों को भी संसाधन निष्कर्षण और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक मॉडल मिल सकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये पायलट पहल व्यापक खनन‑बंदी रणनीतियों के लिए एक परीक्षण मंच के रूप में कार्य करेगी, जिससे प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं और समुदाय पर प्रभाव का मूल्यांकन किया जा सकेगा। संबंधित विभागों से औपचारिक मंजूरी आने वाले हफ्तों में मिलने की उम्मीद है, जिससे पहली बंदी प्रक्रियाएँ शुरू हो सकेंगी।
यह कदम मेघालय की पर्यावरणीय क्षति को कम करने और खनन पर निर्भर समुदायों की आजीविका को संतुलित करने के प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट्स में पुनर्वास उपाय और वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रम शामिल होंगे, जिससे आर्थिक व्यवधान को न्यूनतम किया जा सके।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों से सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि कार्यान्वयन प्रक्रिया सुगम हो सके।
आगामी मंजूरियों से अन्य खनन‑प्रधान राज्यों को भी संसाधन निष्कर्षण और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक मॉडल मिल सकता है।