📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhrajyoti07
राजनीति
मेघालय बार ने सरकार पर RTI ब्लॉक करने और एजी अमित कुमार के बिल छिपाने का आरोप लगाया
✍️ Hub News
🗓 08 अक्टू. 2026, 01:38 AM
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मेघालय बार संघ ने राज्य सरकार पर RTI आवेदनों को ब्लॉक करने और एजी अमित कुमार के बिलों से संबंधित करोड़ों रुपये छिपाने का आरोप लगाया है। इस आरोप से राज्य के कानूनी खर्चों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मेघालय बार संघ ने कहा है कि राज्य सरकार सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दाखिल किए गए आवेदनों को अवरुद्ध कर रही है, विशेष रूप से उन आवेदनों से जो एजी अमित कुमार के वित्तीय दायित्वों के विवरण मांगते हैं। बार के अनुसार, इस अवरोध से जनता को कथित रूप से बड़ी रकम से जुड़े एजी के बिलों की जांच करने से रोका जा रहा है।
बार का आरोप है कि सरकार इन बिलों को संरक्षित करके करोड़ों रुपये छिपा रही है। ऐसा करने से वित्तीय पारदर्शिता के सिद्धांतों पर सवाल उठते हैं और राज्य के धन के उपयोग के बारे में सवाल खड़े होते हैं कि कानूनी सेवाओं के लिए सार्वजनिक निधि कैसे खर्च की जा रही है।
जवाब में, बार ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है और अधिकारियों से RTI प्रावधानों के अनुरूप रोकी गई जानकारी जारी करने को कहा है। वह insists कि जवाबदेही बनाए रखना सरकारी संस्थानों में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
लीड में किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह आरोप मेघालय के कानूनी और प्रशासनिक मामलों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चल रही चिंताओं को उजागर करता है।
बार का आरोप है कि सरकार इन बिलों को संरक्षित करके करोड़ों रुपये छिपा रही है। ऐसा करने से वित्तीय पारदर्शिता के सिद्धांतों पर सवाल उठते हैं और राज्य के धन के उपयोग के बारे में सवाल खड़े होते हैं कि कानूनी सेवाओं के लिए सार्वजनिक निधि कैसे खर्च की जा रही है।
जवाब में, बार ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है और अधिकारियों से RTI प्रावधानों के अनुरूप रोकी गई जानकारी जारी करने को कहा है। वह insists कि जवाबदेही बनाए रखना सरकारी संस्थानों में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
लीड में किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह आरोप मेघालय के कानूनी और प्रशासनिक मामलों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चल रही चिंताओं को उजागर करता है।