📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
देश
एमडीएमके का द्रमुक गठबंधन से नौ साल बाद अलग होना
✍️ TOI India
🗓 27 जून 2026, 04:21 PM
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मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) ने द्रमुक के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस से नौ साल की साझेदारी समाप्त कर दी है। पार्टी ने वैचारिक मतभेदों और गठबंधन में अपनी पहचान कमजोर होने को अलगाव का कारण बताया है।
मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस से आधिकारिक तौर पर अलग होने की घोषणा की है। इस निर्णय के साथ दोनों दलों के बीच नौ वर्षों से चली आ रही राजनीतिक साझेदारी समाप्त हो गई है।
एमडीएमके के सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को यह महसूस हुआ कि बड़े गठबंधन के भीतर उसकी विशिष्ट राजनीतिक पहचान कमजोर हो रही थी। द्रमुक के चुनाव चिह्न के तहत चुनाव लड़ने सहित एमडीएमके सदस्यों के साथ व्यवहार को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गईं।
यह अलगाव हाल के विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक पुनर्गठन के दौर में हुआ है। एमडीएमके ने कहा है कि वह भविष्य में अपने राजनीतिक गठबंधनों और संबद्धताओं पर बाद में विचार करेगा।
एमडीएमके के सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को यह महसूस हुआ कि बड़े गठबंधन के भीतर उसकी विशिष्ट राजनीतिक पहचान कमजोर हो रही थी। द्रमुक के चुनाव चिह्न के तहत चुनाव लड़ने सहित एमडीएमके सदस्यों के साथ व्यवहार को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गईं।
यह अलगाव हाल के विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक पुनर्गठन के दौर में हुआ है। एमडीएमके ने कहा है कि वह भविष्य में अपने राजनीतिक गठबंधनों और संबद्धताओं पर बाद में विचार करेगा।