📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIBHORSHARM
यात्रा
मयूरा रुचि ऑन व्हील्स लाएगा केएसटीडीसी भोजन पर्यटन स्थलों पर
✍️ Inshorts
🗓 05 अक्टू. 2026, 08:45 AM
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'मयूरा रुचि ऑन व्हील्स' पहल केएसटीडीसी के भोजन को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचाएगी।
कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (केएसटीडीसी) ने 'मयूरा रुचि ऑन व्हील्स' नामक मोबाइल सेवा के साथ साझेदारी की है, जिससे उसके भोजन को पारंपरिक आउटलेट्स से बाहर ले जाया जा सके। इस पहल का उद्देश्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ताज़ा स्थानीय व्यंजन उपलब्ध कराना है, ताकि पर्यटक स्थल से बाहर निकले बिना ही असली कर्नाटक स्वाद का आनंद ले सकें।
'मयूरा रुचि ऑन व्हील्स' विशेष रूप से सुसज्जित वाहनों के माध्यम से काम करेगा, जो ऐतिहासिक स्थल, पहाड़ी रिसॉर्ट और समुद्र तट जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस सेवा की शुरुआत आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है, जिसमें प्रथम चरण में मैसूर पैलेस, कोर्ग के कॉफ़ी बाग़ और गोकारना समुद्र तट जैसे लोकप्रिय स्थानों पर स्टॉप निर्धारित हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल समग्र पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने और कर्नाटक की पाक विरासत को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। केएसटीडीसी के भोजन को सीधे पर्यटकों तक पहुंचाकर, यह कार्यक्रम कम ज्ञात आकर्षणों पर भी भीड़ बढ़ाने और स्थानीय खाद्य विक्रेताओं को समर्थन देने की आशा रखता है।
रोल‑आउट की निगरानी करी जाएगी और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर मेन्यू चयन और सेवा समय को समायोजित किया जाएगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है, जहाँ पर्यटन को क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ जोड़ा जा सके।
'मयूरा रुचि ऑन व्हील्स' विशेष रूप से सुसज्जित वाहनों के माध्यम से काम करेगा, जो ऐतिहासिक स्थल, पहाड़ी रिसॉर्ट और समुद्र तट जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस सेवा की शुरुआत आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है, जिसमें प्रथम चरण में मैसूर पैलेस, कोर्ग के कॉफ़ी बाग़ और गोकारना समुद्र तट जैसे लोकप्रिय स्थानों पर स्टॉप निर्धारित हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल समग्र पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने और कर्नाटक की पाक विरासत को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। केएसटीडीसी के भोजन को सीधे पर्यटकों तक पहुंचाकर, यह कार्यक्रम कम ज्ञात आकर्षणों पर भी भीड़ बढ़ाने और स्थानीय खाद्य विक्रेताओं को समर्थन देने की आशा रखता है।
रोल‑आउट की निगरानी करी जाएगी और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर मेन्यू चयन और सेवा समय को समायोजित किया जाएगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है, जहाँ पर्यटन को क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ जोड़ा जा सके।