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20 सित. 2026
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मैयेम‑वैगिनिम ने मातोली में 292 वन उत्पादों से कला रचना की
📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
जीवनशैली

मैयेम‑वैगिनिम ने मातोली में 292 वन उत्पादों से कला रचना की

✍️ The Times of India 🗓 20 सित. 2026, 07:15 AM 👁 12
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मैयेम‑वैगिनिम समुदाय ने मातोली में 292 विभिन्न वन उत्पादों का उपयोग कर एक अनोखी कला रचना तैयार की, जो स्थानीय रचनात्मकता को दर्शाती है।

मैयेम‑वैगिनिम नामक जनजातीय समूह ने मातोली गाँव में एक विस्तृत कला रचना पूरी की है। इस स्थापना में 292 विभिन्न प्रकार के वन उत्पादों—पत्तियों, फलों, छाल और बीजों सहित—को सावधानीपूर्वक व्यवस्थित कर एक सुसंगत दृश्य कथा तैयार की गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य आसपास के जंगलों की समृद्ध जैव विविधता को उजागर करना और युवा पीढ़ी में वन संसाधनों के पारम्परिक ज्ञान को बढ़ावा देना था। कई हफ्तों में समुदाय के सदस्य इन उत्पादों को एकत्रित कर प्रत्येक प्रकार को प्रतिनिधित्व करने में सफल रहे।

मातोली के सार्वजनिक स्थल में स्थापित इस कला को दर्शकों और सांस्कृतिक प्रेमियों ने सराहा है, जिन्होंने प्राकृतिक सामग्री के नवाचारी उपयोग की प्रशंसा की। आयोजकों का लक्ष्य इस प्रदर्शनी के माध्यम से स्वदेशी विरासत और पर्यावरणीय संरक्षण को प्रोत्साहित करने वाले समान प्रयासों को प्रेरित करना है।

292 विभिन्न प्रकार की गिनती के अलावा कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत आँकड़े जारी नहीं किए गए हैं, पर यह पहल समुदाय की अपनी पारिस्थितिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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