📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sherazlabz
विदेश
मौलाना फजलुर रहमान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को 1971 की हार की याद दिलाई
✍️ Aaj Tak
🗓 24 अग. 2026, 08:54 AM
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पाकिस्तान में बढ़ते हिंसा के बीच मौलाना फजलुर रहमान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को 1971 की हार और भारत के सामने आत्मसमर्पण की याद दिलाते हुए चेतावनी दी।
मौलाना फजलुर रहमान, जो पाकिस्तान के प्रमुख धार्मिक‑राजनीतिक व्यक्तियों में से एक हैं, ने देश में बढ़ते असंतोष के बीच सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को 1971 की हार की याद दिलाई, जब पूर्वी पाकिस्तान का विद्रोह भारत के सामने आत्मसमर्पण कर गया था। उन्होंने बलूचिस्तान में चल रहे हिंसा, खैबर पख्तूनख्वा की अस्थिर स्थिति और पीओके में तनाव को उजागर किया, यह चेतावनी देते हुए कि लगातार खून‑खराबा देश की भौगोलिक सीमाओं को खतरे में डाल सकता है।
इन टिप्पणियों का समय उन रिपोर्टों के साथ आया, जिनमें विभिन्न प्रांतों में अलगाववादी भावनाओं और सामुदायिक झड़पों में वृद्धि का उल्लेख था। रहमान ने कहा कि यदि आंतरिक संघर्ष को बिना समाधान के जारी रखा गया तो यह 1971 के नुकसान की तरह राष्ट्रीय सीमाओं को बदल सकता है।
यह बयान आज़ तक ने प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया कि उनका उद्देश्य सैन्य को बल प्रयोग के साथ-साथ मूल कारणों को सुलझाने की ओर प्रेरित करना है।
इन टिप्पणियों का समय उन रिपोर्टों के साथ आया, जिनमें विभिन्न प्रांतों में अलगाववादी भावनाओं और सामुदायिक झड़पों में वृद्धि का उल्लेख था। रहमान ने कहा कि यदि आंतरिक संघर्ष को बिना समाधान के जारी रखा गया तो यह 1971 के नुकसान की तरह राष्ट्रीय सीमाओं को बदल सकता है।
यह बयान आज़ तक ने प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया कि उनका उद्देश्य सैन्य को बल प्रयोग के साथ-साथ मूल कारणों को सुलझाने की ओर प्रेरित करना है।