📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / prakash tiwari
सरकारी योजना
मौगंज में जलजीवन मिशन का काम 3.85 करोड़ के बाद विफल: टूटे टंकी, नल नदारद
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 सित. 2026, 08:16 PM
👁 13
3.85 करोड़ रुपये के बाद मौगंज में जलजीवन मिशन के कामों में टंकी टूटने और घरों में नल न मिलने की रिपोर्ट मिली, जिससे तीन पीएचई अधिकारियों और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज हुई।
मध्य प्रदेश सरकार ने मौगंज में जलजीवन मिशन के कार्यों के लिए 3.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसका उद्देश्य स्थानीय घरों में पानी की आपूर्ति में सुधार करना था। भुगतान के बाद की गई जाँच में पाया गया कि टंकी टूट चुकी है और कई घरों में नल नहीं लगे हुए हैं।
जाँच में यह भी सामने आया कि कई घरों में अभी भी कार्यशील नल नहीं हैं, जिससे जलजीवन मिशन का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट में निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी की भी बात कही गई है।
इन निष्कर्षों के आधार पर, कार्यकारी अधिकारी (EO) ने तीन पीएचई अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है, जिसमें कार्यान्वयन में लापरवाही और प्रबंधन की कमी का आरोप लगाया गया है।
यह घटना जलजीवन मिशन के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है और सरकारी योजनाओं के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
जाँच में यह भी सामने आया कि कई घरों में अभी भी कार्यशील नल नहीं हैं, जिससे जलजीवन मिशन का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट में निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी की भी बात कही गई है।
इन निष्कर्षों के आधार पर, कार्यकारी अधिकारी (EO) ने तीन पीएचई अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है, जिसमें कार्यान्वयन में लापरवाही और प्रबंधन की कमी का आरोप लगाया गया है।
यह घटना जलजीवन मिशन के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है और सरकारी योजनाओं के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।