🔥 TRENDING ભરૂચ-દહેજ માર્ગ પર કેમિકલ ભરેલું કન્ટે... ભરૂચ નગરપાલિકાની સામાન્ય સભાના વિવાદમા... Ramayana Trailer Unveiled in Bengaluru... India’s ‘Ramayana’ Drops Final US Trai... Ramayana Film Unveils International Tr... Jharkhand TET 2026 Admit Card Login: R...
16 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए विशेष कंपनी गठित, ₹27,050 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी

✍️ Reporter: Amit Kukreja 🗓 16 Oct 2026, 02:44 AM 👁 14
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास के लिए ₹27,050 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास हेतु विशेष कंपनी का गठन प्रमुख है।

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास से जुड़े ₹27,050 करोड़ के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इस बैठक का सबसे बड़ा और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के समेकित विकास के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) 'जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड' के गठन को मंजूरी देना है। यह कंपनी 100% राज्य सरकार के स्वामित्व में होगी और इसे विकास की पूरी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

नई गठित होने वाली यह कंपनी जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोड़ने वाले इस वृहद आर्थिक गलियारे के विकास की रूपरेखा तैयार करेगी। सरकार इस कंपनी को शुरुआती पूंजी के तौर पर 100 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय संचालन परिषद (High-Level Governing Council) का गठन किया जाएगा, जो इस परियोजना से संबंधित नीतिगत निर्णय लेगी। कंपनी को जमीन की पहचान, अधिग्रहण, मास्टर प्लानिंग, लेआउट डिजाइन, भूखंडों का आवंटन और आवश्यक बुनियादी ढाँचे के विकास जैसी महत्वपूर्ण शक्तियां प्रदान की जाएंगी, ताकि कॉरिडोर को एक प्रभावी औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सके।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य कॉरिडोर को केवल सड़क मार्ग तक सीमित न रखकर इसे एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। पहले चरण में लगभग 10,000 एकड़ भूमि पर 3 से 5 बड़े औद्योगिक हब विकसित किए जाएंगे। इन हब में उद्योगों को न केवल जमीन, बिजली, पानी, सड़क और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि श्रमिकों के लिए आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्कूल और कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। क्षेत्रवार फोकस के तहत, जबलपुर में इंजीनियरिंग और डिफेंस, नरसिंहपुर-रायसेन में खाद्य प्रसंस्करण, भोपाल में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स और इंदौर में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मार्च 2028 तक इस परियोजना से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 1 लाख प्रत्यक्ष व 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में सांदीपनि विद्यालयों के 94 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 241.88 करोड़ रुपये की परिवहन योजना को भी मंजूरी दी, जिसकी जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, सोयाबीन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत भावांतर भुगतान योजना को लागू करने का भी निर्णय लिया गया।
📲Get App