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मध्य प्रदेश के नगरपालिकाओं में सरकारी खरीद में कीमतों का चौंकाने वाला अंतर, फिनाइल और LED लाइट पर भारी अंतर
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीद के रिकॉर्ड में कीमतों में भारी अंतर सामने आया है, जिसमें फिनाइल की कीमत 5 रुपये से लेकर 33,500 रुपये तक दर्ज मिली है।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीद प्रक्रिया के संबंध में एक गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, एक लीटर फिनाइल की खरीद में कीमतों में चौंकाने वाला अंतर दर्ज किया गया है। कुछ स्थानों पर इसकी कीमत मात्र 5 रुपये प्रति लीटर दर्ज है, जबकि अन्य स्थानों पर यह दर 33,500 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
इसी प्रकार, 60 वॉट की LED लाइट की खरीद में भी भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लाइट की कीमत कुछ जगहों पर 306 रुपये में खरीदी गई, जबकि भोपाल में इसी वस्तु की खरीद 11,800 रुपये में दर्ज की गई है। इसके अलावा, कचरा गाड़ियों की खरीद में भी 2 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक का अंतर बताया जा रहा है, जो सरकारी खर्च की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करता है।
जनहित में इन खरीद रिकॉर्डों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। सवाल यह है कि जनता के टैक्स से जुटाए गए पैसे का सही हिसाब-किताब कौन देगा? गड़बड़ी साबित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि जनता के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी प्रकार, 60 वॉट की LED लाइट की खरीद में भी भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लाइट की कीमत कुछ जगहों पर 306 रुपये में खरीदी गई, जबकि भोपाल में इसी वस्तु की खरीद 11,800 रुपये में दर्ज की गई है। इसके अलावा, कचरा गाड़ियों की खरीद में भी 2 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक का अंतर बताया जा रहा है, जो सरकारी खर्च की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करता है।
जनहित में इन खरीद रिकॉर्डों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। सवाल यह है कि जनता के टैक्स से जुटाए गए पैसे का सही हिसाब-किताब कौन देगा? गड़बड़ी साबित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि जनता के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।