📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dinesh Valke from Thane, India
यात्रा
मटरन के वन में संगीत की तेज़ ध्वनि से वन्यजीवन पर हो रहा है प्रभाव
✍️ Mid-day
🗓 18 जुल. 2026, 09:33 AM
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मटरन के पहाड़ों में पर्यटकों द्वारा बजाई जा रही तेज़ धुनों ने वन्यजीवन पर असर डालने की चेतावनी दी है, जिससे वन अधिकारियों को चिंता हुई है।
मटरन के लोकप्रिय पहाड़ी स्टेशन में पर्यटकों द्वारा बजाई जा रही तेज़ ध्वनि के कारण वन्यजीवन पर असर पड़ने की रिपोर्टें सामने आई हैं।
वन अधिकारियों ने बताया कि लगातार चलती ऊँची आवाज़ वाली संगीत पक्षियों, बंदरों और अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक व्यवहार को बाधित कर रही है।
इसके जवाब में, वन विभाग ने यात्रियों को चेतावनी जारी की है, उन्हें संगीत को कम वॉल्यूम पर रखने और वन के शांत वातावरण का सम्मान करने के लिए कहा है। साथ ही, संगीत सुनने के लिए हेडफ़ोन के उपयोग की सलाह दी गई है।
यह घटना मटरन में पर्यटन और संरक्षण के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाती है, जहाँ वाहन प्रतिबंध और स्वच्छ पर्यावरण के लिए जाना जाता है।
स्थानीय संरक्षण समूहों ने शोर नियमों के सख्त प्रवर्तन और आगंतुक शिक्षा को बढ़ावा देने का आग्रह किया है ताकि क्षेत्र की जैव विविधता की रक्षा की जा सके।
वन अधिकारियों ने बताया कि लगातार चलती ऊँची आवाज़ वाली संगीत पक्षियों, बंदरों और अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक व्यवहार को बाधित कर रही है।
इसके जवाब में, वन विभाग ने यात्रियों को चेतावनी जारी की है, उन्हें संगीत को कम वॉल्यूम पर रखने और वन के शांत वातावरण का सम्मान करने के लिए कहा है। साथ ही, संगीत सुनने के लिए हेडफ़ोन के उपयोग की सलाह दी गई है।
यह घटना मटरन में पर्यटन और संरक्षण के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाती है, जहाँ वाहन प्रतिबंध और स्वच्छ पर्यावरण के लिए जाना जाता है।
स्थानीय संरक्षण समूहों ने शोर नियमों के सख्त प्रवर्तन और आगंतुक शिक्षा को बढ़ावा देने का आग्रह किया है ताकि क्षेत्र की जैव विविधता की रक्षा की जा सके।