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मदरसा शिक्षको और संस्कृत शिक्षकों का बकाया भुगतान जल्द किया जाए डॉ दिव्य ज्योति पटना शिक्षक निर्वाचन के भावी उम्मीदवार
मदरसा शिक्षको और संस्कृत शिक्षकों के बकाया वेतन को जल्द भुगतान करने कि मांग पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने किया सरकार से मांग
मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों के बकाए वेतन का अविलंब भुगतान हो : डॉ. दिव्या ज्योति
नवादा, 8 अगस्त 2026।
शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के दौरान आज शिक्षक साथियों से संवाद में मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों के लंबे समय से लंबित बकाए वेतन का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। शिक्षकों ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों और लंबित भुगतान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक चाहे किसी भी शिक्षण परंपरा या संस्थान से जुड़े हों, उनके श्रम और सेवा का सम्मान समान होना चाहिए। लंबे समय तक वेतन लंबित रहना शिक्षक और उनके परिवार के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकता है।
उन्होंने कहा
“मदरसा और संस्कृत शिक्षक भी शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वर्षों तक पूरी निष्ठा से विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को उनके मेहनताने के लिए इंतजार कराना न्यायसंगत नहीं है। बकाए वेतन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर अविलंब किया जाना चाहिए।”
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। संबंधित विभाग को लंबित वेतन मामलों की समीक्षा कर पात्र शिक्षकों के बकाए का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति, समयबद्ध प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना सेवा सुरक्षा और पारदर्शी स्थानांतरण नीति जैसे विषयों के साथ मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों के बकाए वेतन का मुद्दा भी शिक्षक सशक्तिकरण के व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ. दिव्या ज्योति का संकल्प
“शिक्षक किसी भी संस्थान में कार्यरत हों—उनका सम्मान, उनका अधिकार और उनके श्रम का उचित प्रतिफल सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने आश्वस्त किया कि मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों की जायज़ मांगों को प्रभावी मंच तक पहुँचाने और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज़ उठाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
डॉ. दिव्या ज्योति
एमएलसी प्रत्याशी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
नवादा, 8 अगस्त 2026।
शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के दौरान आज शिक्षक साथियों से संवाद में मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों के लंबे समय से लंबित बकाए वेतन का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। शिक्षकों ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों और लंबित भुगतान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक चाहे किसी भी शिक्षण परंपरा या संस्थान से जुड़े हों, उनके श्रम और सेवा का सम्मान समान होना चाहिए। लंबे समय तक वेतन लंबित रहना शिक्षक और उनके परिवार के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकता है।
उन्होंने कहा
“मदरसा और संस्कृत शिक्षक भी शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वर्षों तक पूरी निष्ठा से विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को उनके मेहनताने के लिए इंतजार कराना न्यायसंगत नहीं है। बकाए वेतन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर अविलंब किया जाना चाहिए।”
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। संबंधित विभाग को लंबित वेतन मामलों की समीक्षा कर पात्र शिक्षकों के बकाए का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति, समयबद्ध प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना सेवा सुरक्षा और पारदर्शी स्थानांतरण नीति जैसे विषयों के साथ मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों के बकाए वेतन का मुद्दा भी शिक्षक सशक्तिकरण के व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ. दिव्या ज्योति का संकल्प
“शिक्षक किसी भी संस्थान में कार्यरत हों—उनका सम्मान, उनका अधिकार और उनके श्रम का उचित प्रतिफल सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने आश्वस्त किया कि मदरसा एवं संस्कृत शिक्षकों की जायज़ मांगों को प्रभावी मंच तक पहुँचाने और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज़ उठाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
डॉ. दिव्या ज्योति
एमएलसी प्रत्याशी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र