📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jamsayyad
राजनीति
मनोज जारंगे‑पटिल की उपवास के बाद मातंग मोर्चा, महाराष्ट्र में कोटा विवाद
✍️ India Today
🗓 21 सित. 2026, 11:01 AM
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मनोज जारंगे‑पटिल के उपवास के बाद मातंग समुदाय ने महाराष्ट्र में कोटा मुद्दे को लेकर मोर्चा शुरू किया।
मातंग समुदाय ने शनिवार को कई कस्बों में मोर्चा शुरू किया, जब कार्यकर्ता मनोज जारंगे‑पटिल ने सामाजिक पिछड़े वर्गों के लिए महाराष्ट्र के कोटा में स्पष्टता की मांग में उपवास समाप्त किया। आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन सरकार को कोटा वितरण में मातंग वर्ग के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से है।
जारी उपवास के दौरान जारंगे‑पटिल ने कहा कि मौजूदा कोटा सूत्र में मातंग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिशत अनुचित है और इसे पुनः समीक्षा किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के प्रतिशत को बढ़ाने की मांग की।
महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि कोटा नीति की पुनः समीक्षा चल रही है और किसी भी बदलाव के लिए कानूनी व परामर्श प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग ने अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई, परंतु विरोधियों से औपचारिक याचिकाएँ दाखिल करने को कहा।
मोर्चा में मार्च, धरने और सार्वजनिक बैठकों का समावेश है और यह कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें तुरंत पूरी नहीं हुईं तो वे विरोध का दायरा बढ़ा सकते हैं।
जारी उपवास के दौरान जारंगे‑पटिल ने कहा कि मौजूदा कोटा सूत्र में मातंग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिशत अनुचित है और इसे पुनः समीक्षा किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के प्रतिशत को बढ़ाने की मांग की।
महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि कोटा नीति की पुनः समीक्षा चल रही है और किसी भी बदलाव के लिए कानूनी व परामर्श प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग ने अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई, परंतु विरोधियों से औपचारिक याचिकाएँ दाखिल करने को कहा।
मोर्चा में मार्च, धरने और सार्वजनिक बैठकों का समावेश है और यह कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें तुरंत पूरी नहीं हुईं तो वे विरोध का दायरा बढ़ा सकते हैं।