Religion
माता दुर्गा के विसर्जन में गांव वाले कंधे पर डोली जैसे ले जा रहे हैं
माता दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान ग्रामीणों ने उसे कंधे पर डोली की तरह ले जाने की परम्परा अपनाई।
माता दुर्गा के विसर्जन समारोह में स्थानीय ग्रामीणों ने प्रतिमा को कंधे पर डोली जैसे ढंग से ले जाना शुरू किया। यह परम्परा श्रद्धालुओं के बीच विशेष रूप से देखी गई, जहाँ कई लोग मिलकर प्रतिमा को सुरक्षित रूप से जल में विसर्जित करने की तैयारी कर रहे थे।
विसर्जन के इस चरण में, कंधे पर डोली जैसी व्यवस्था ने न केवल धार्मिक भावना को उजागर किया, बल्कि सामुदायिक एकजुटता को भी दर्शाया। उपस्थित लोग इस परम्परा को सम्मानपूर्वक निभाते हुए, प्रतिमा को जल में धीरे‑धीरे उतारने में सहयोग कर रहे थे।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भी इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए, जिससे समारोह शांति और व्यवस्था के साथ संपन्न हो सका।
विसर्जन के इस चरण में, कंधे पर डोली जैसी व्यवस्था ने न केवल धार्मिक भावना को उजागर किया, बल्कि सामुदायिक एकजुटता को भी दर्शाया। उपस्थित लोग इस परम्परा को सम्मानपूर्वक निभाते हुए, प्रतिमा को जल में धीरे‑धीरे उतारने में सहयोग कर रहे थे।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भी इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए, जिससे समारोह शांति और व्यवस्था के साथ संपन्न हो सका।