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19 अक्टू. 2026•
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खरगोन में माता अंबे की 408 साल पुरानी यात्रा, जलते खप्पर‑तलवार के साथ 5,000 भक्तों ने देखा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narayan00
धर्म

खरगोन में माता अंबे की 408 साल पुरानी यात्रा, जलते खप्पर‑तलवार के साथ 5,000 भक्तों ने देखा

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 19 अक्टू. 2026, 12:15 PM 👁 19
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रविवार देर रात, खरगोन के श्री सिद्धनाथ महादेव मंदिर से माता अंबे की परम्परागत यात्रा निकली, जिसमें जलता खप्पर और तलवार धारण किया गया, और लगभग 5,000 भक्तों ने भाग लिया।

खरगोन, मध्य प्रदेश में रविवार देर रात 408 साल पुरानी माता अंबे की परम्परागत यात्रा का आयोजन किया गया। श्री सिद्धनाथ महादेव मंदिर के द्वार से देवी का रूप धारण करने वाले ने एक हाथ में जलता खप्पर और दूसरे में तलवार लेकर निकला, जो क्रमशः शुभता और शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं।

आयोजनकर्ता बताते हैं कि यह अनुष्ठान चार शताब्दियों से बिना रुकावट के चलता आ रहा है। मंदिर के गर्भ में जलाए गए खप्पर को ऊँचा उठाकर देवता के साथ ले जाया जाता है, जबकि तलवार देवी की युद्धरत स्वरूप को दर्शाती है।

मार्ग में लगभग पाँच हजार भक्त इकट्ठा हुए और इस दृश्य को देख कर श्रद्धा व गर्व की भावना व्यक्त की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उत्सव स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक एकता को मजबूत करता है। यात्रा के बाद देवता को फिर से मंदिर में स्थापित किया गया और आगे की पूजा-अर्चना जारी रही।

स्थानीय प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की, जिससे कार्यक्रम सुगमता से संपन्न हो सका। यह घटना मध्य भारत में धार्मिक महोत्सवों के प्रमुख केंद्र के रूप में खरगोन की महत्ता को पुनः स्थापित करती है।
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