📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे ने 20‑दिन का अनशन समाप्त, सरकार को मिली अतिरिक्त समय सीमा
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 17 सित. 2026, 07:45 AM
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20 दिन के अनशन के बाद, मराठा आरक्षण के कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अपना उपवास समाप्त कर दिया, जिससे महाराष्ट्र सरकार को मिली एक छोटी सी राहत।
मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने गुरुवार को 20‑दिन के अनशन को समाप्त कर दिया। आरक्षण को बढ़ाने की मांग के तहत शुरू किया गया यह उपवास, स्वास्थ्य संबंधी किसी गंभीर समस्या के बिना समाप्त हुआ।
अनशन समाप्त करने से महाराष्ट्र सरकार को आरक्षण मुद्दे पर पुनः विचार करने का एक छोटा समय मिला है। अब तक सरकार ने इस अवधि में कोई नीति परिवर्तन की घोषणा नहीं की है।
राज्य में कई हड़तालें और रैलियों के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे सड़कों पर शांति लौट आई और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को स्थिर बताया।
समुदाय के नेताओं और राजनीतिक दलों को अब इस समयावधि में संवाद स्थापित करने की उम्मीद है, हालांकि बातचीत की स्पष्ट समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।
यह कदम उन हफ्तों में एक महत्वपूर्ण शीतलन दर्शाता है, जब मराठा आरक्षण मुद्दा राज्य की राजनीति में प्रमुख रहा था, और अब सभी नज़रें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
अनशन समाप्त करने से महाराष्ट्र सरकार को आरक्षण मुद्दे पर पुनः विचार करने का एक छोटा समय मिला है। अब तक सरकार ने इस अवधि में कोई नीति परिवर्तन की घोषणा नहीं की है।
राज्य में कई हड़तालें और रैलियों के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे सड़कों पर शांति लौट आई और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को स्थिर बताया।
समुदाय के नेताओं और राजनीतिक दलों को अब इस समयावधि में संवाद स्थापित करने की उम्मीद है, हालांकि बातचीत की स्पष्ट समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।
यह कदम उन हफ्तों में एक महत्वपूर्ण शीतलन दर्शाता है, जब मराठा आरक्षण मुद्दा राज्य की राजनीति में प्रमुख रहा था, और अब सभी नज़रें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।