रक्षा
मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके
OTP और UPI PIN साझा न करने की दी सलाह, साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील
उरई, जालौन। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर 2026 को जनपदीय साइबर सेल की टीम द्वारा मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल, उरई में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल पुलिस कार्यालय की टीम में शामिल उपनिरीक्षक अजीत शर्मा, उपनिरीक्षक जगवीर सिंह एवं कांस्टेबल अजय पाल ने विद्यार्थियों को गैर-वित्तीय साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग, सुरक्षित वेब ब्राउजिंग, वेब सेफ्टी टूल्स, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग तथा महिलाओं से संबंधित अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतने, अपना ओटीपी (OTP) और यूपीआई पिन (UPI PIN) किसी के साथ साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा सोशल मीडिया पर अजनबियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग एवं साइबर ग्रूमिंग जैसी घटनाओं से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर जागरूकता संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाना तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल पुलिस कार्यालय की टीम में शामिल उपनिरीक्षक अजीत शर्मा, उपनिरीक्षक जगवीर सिंह एवं कांस्टेबल अजय पाल ने विद्यार्थियों को गैर-वित्तीय साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग, सुरक्षित वेब ब्राउजिंग, वेब सेफ्टी टूल्स, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग तथा महिलाओं से संबंधित अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतने, अपना ओटीपी (OTP) और यूपीआई पिन (UPI PIN) किसी के साथ साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा सोशल मीडिया पर अजनबियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग एवं साइबर ग्रूमिंग जैसी घटनाओं से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर जागरूकता संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाना तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना रहा।