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16 अक्टू. 2026•
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मारहरा रामलीला महोत्सव में राम-केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत मिलाप का सजीव मंचन

✍️ रिपोर्टर: शैलेष गुप्ता महाजन 🗓 16 अक्टू. 2026, 01:06 PM 👁 15
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मारहरा कस्बे में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव के दौरान गुरुवार रात राम-केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत मिलाप की लीलाओं का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने सभी को प्रभावित किया।

मारहरा कस्बे में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव में गुरुवार रात्रि को राम-केवट संवाद, राजा दशरथ के प्राण त्यागने और भरत मिलाप की लीलाओं का भव्य मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया और उन्हें भावुक कर दिया।

राम-केवट संवाद के प्रसंग में केवट की अटूट भक्ति और भगवान श्रीराम के प्रति उसके समर्पण को सजीव रूप से दर्शाया गया। इसके पश्चात, पुत्र वियोग से व्याकुल राजा दशरथ के प्राण त्यागने के मार्मिक प्रसंग का मंचन हुआ, जिसे देखकर उपस्थित दर्शक अत्यंत भावुक हो गए।

भरत मिलाप की लीला ने भाइयों के मध्य अगाध प्रेम, त्याग और मर्यादा को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में भरत ने भगवान श्रीराम से अयोध्या लौट चलने का आग्रह किया, परंतु श्रीराम ने अपने पिता के वचन का पालन करते हुए वनवास पूरा करने की बात कही।

अंततः, भरत ने भगवान श्रीराम की चरण पादुकाएं स्वीकार कीं और उन्हें लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। संपूर्ण लीला के दौरान रामलीला मैदान 'जय श्रीराम' के जयकारों से गुंजायमान रहा।
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