📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
शिक्षा
मनोविकास समिति को मिला विघ्नहर्ता अवॉर्ड, विशेष बच्चों को सशक्त बनाने में सराहना
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 सित. 2026, 08:31 PM
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मनोविकास समिति को बौद्धिक दिव्यांग और विशेष बच्चों के साथ किए गए कार्य के लिए विघ्नहर्ता अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, कृष्णागुरु ने इसकी सेवा‑उन्मुख पहल की सराहना की।
मनोविकास समिति, जो बौद्धिक दिव्यांग और विशेष बच्चों को शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में लगी है, को अमर उजाला द्वारा रिपोर्ट किए गए समारोह में विघ्नहर्ता अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार 40 से अधिक समर्पित शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चों के आत्मविश्वास और जीवन कौशल को सुदृढ़ करने के उनके निरंतर प्रयास को मान्यता देता है।
समारोह में उपस्थित कृष्णागुरु ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन वही लाते हैं जो सेवा करते हैं। उन्होंने मनोविकास समिति के कार्य को "समाज के साक्षात विघ्नहर्ता" कहा, क्योंकि वे दिव्यांग बच्चों के सामने आने वाले बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
यह सम्मान मध्य प्रदेश में समावेशी शिक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ NGOs मुख्यधारा के स्कूलों की कमी को पूरा कर रहे हैं। विशेष पाठ्यक्रम और जीवन कौशल कार्यशालाओं के माध्यम से समिति अपने लाभार्थियों की रोजगार क्षमता और सामाजिक एकीकरण को बेहतर बनाना चाहती है।
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि ऐसे प्रयास विकलांग अधिकार और कौशल विकास की सरकारी नीतियों के अनुरूप हैं। उन्होंने सार्वजनिक एजेंसियों और नागरिक समाज समूहों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि समान कार्यक्रमों का विस्तार हो सके।
विघ्नहर्ता अवॉर्ड से मिली मान्यता और समर्थन के आधार पर मनोविकास समिति अपने मॉडल को अतिरिक्त जिलों में फैलाने की योजना बना रही है, जिससे नए दानदाताओं और स्वयंसेवकों को आकर्षित किया जा सके।
समारोह में उपस्थित कृष्णागुरु ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन वही लाते हैं जो सेवा करते हैं। उन्होंने मनोविकास समिति के कार्य को "समाज के साक्षात विघ्नहर्ता" कहा, क्योंकि वे दिव्यांग बच्चों के सामने आने वाले बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
यह सम्मान मध्य प्रदेश में समावेशी शिक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ NGOs मुख्यधारा के स्कूलों की कमी को पूरा कर रहे हैं। विशेष पाठ्यक्रम और जीवन कौशल कार्यशालाओं के माध्यम से समिति अपने लाभार्थियों की रोजगार क्षमता और सामाजिक एकीकरण को बेहतर बनाना चाहती है।
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि ऐसे प्रयास विकलांग अधिकार और कौशल विकास की सरकारी नीतियों के अनुरूप हैं। उन्होंने सार्वजनिक एजेंसियों और नागरिक समाज समूहों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि समान कार्यक्रमों का विस्तार हो सके।
विघ्नहर्ता अवॉर्ड से मिली मान्यता और समर्थन के आधार पर मनोविकास समिति अपने मॉडल को अतिरिक्त जिलों में फैलाने की योजना बना रही है, जिससे नए दानदाताओं और स्वयंसेवकों को आकर्षित किया जा सके।