📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sukhjiwan Singh
राजनीति
मनजिंदर सिंह सिरसा ने एएपी को पंजाब‑दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का दोषी ठहराया
✍️ The News Mill
🗓 04 नव. 2026, 02:16 AM
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पूर्व सांसद मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि एएपी की नीतियों से पंजाब और दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
मनजिंदर सिंह सिरसा, पूर्व सांसद, ने सार्वजनिक रूप से एएपी (आम आदमी पार्टी) को पंजाब और दिल्ली दोनों में वायु‑प्रदूषण बढ़ाने का आरोप लगाया। सिरसा ने कहा कि एएपी‑नेतृत्व वाली सरकार की हालिया नीतियों और प्रशासनिक कदमों से हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है, जिससे जनता के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जबकि पंजाब में मौसमी धुंध की समस्या पहले से ही मौजूद थी, वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व के तहत यह समस्या और तेज़ हो गई है। दिल्ली में भी बार‑बार धुंध के दौर देखे जा रहे हैं, और सिरसा ने कहा कि परिवहन, उद्योग और निर्माण से निकलने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए एएपी की पर्यावरणीय रणनीतियां पर्याप्त नहीं हैं।
इन टिप्पणियों का संदर्भ उत्तर भारत में प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर चल रही बहसों से जुड़ा है, जहाँ राज्य और केंद्र दोनों ही राष्ट्रीय वायु‑गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के दबाव में हैं। सिरसा ने एएपी की नीतियों की पुनः समीक्षा की मांग की और सरकार से कड़े नियम लागू करने का आग्रह किया।
रिपोर्टिंग के समय एएपी के किसी प्रतिनिधि से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। यह मुद्दा आगामी राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुख रूप से उठने की संभावना है, क्योंकि दोनों क्षेत्रों में मौसमी बदलाव के कारण वायु‑गुणवत्ता की समस्या अक्सर बढ़ती रहती है।
उन्होंने बताया कि जबकि पंजाब में मौसमी धुंध की समस्या पहले से ही मौजूद थी, वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व के तहत यह समस्या और तेज़ हो गई है। दिल्ली में भी बार‑बार धुंध के दौर देखे जा रहे हैं, और सिरसा ने कहा कि परिवहन, उद्योग और निर्माण से निकलने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए एएपी की पर्यावरणीय रणनीतियां पर्याप्त नहीं हैं।
इन टिप्पणियों का संदर्भ उत्तर भारत में प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर चल रही बहसों से जुड़ा है, जहाँ राज्य और केंद्र दोनों ही राष्ट्रीय वायु‑गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के दबाव में हैं। सिरसा ने एएपी की नीतियों की पुनः समीक्षा की मांग की और सरकार से कड़े नियम लागू करने का आग्रह किया।
रिपोर्टिंग के समय एएपी के किसी प्रतिनिधि से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। यह मुद्दा आगामी राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुख रूप से उठने की संभावना है, क्योंकि दोनों क्षेत्रों में मौसमी बदलाव के कारण वायु‑गुणवत्ता की समस्या अक्सर बढ़ती रहती है।