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24 सित. 2026
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मणिपुर के पीएचडी कार्यक्रमों को पर्याप्त फंडिंग न मिलने पर खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Herojit th
शिक्षा

मणिपुर के पीएचडी कार्यक्रमों को पर्याप्त फंडिंग न मिलने पर खतरा

✍️ thesangaiexpress.com 🗓 24 सित. 2026, 04:32 AM 👁 11
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thesangaiexpress.com पर प्रकाशित लेख ने चेतावनी दी है कि मणिपुर के पीएचडी कार्यक्रम पर्याप्त फंडिंग और सुधार न मिलने पर समाप्त हो सकते हैं।

thesangaiexpress.com ने “PhD in Manipur: Fund it, Fix it, or Lose it” शीर्षक से एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें मणिपुर में डॉक्टरेट शिक्षा की नाजुक स्थिति को उजागर किया गया है। लेख में कहा गया है कि पर्याप्त वित्तीय समर्थन और संरचनात्मक सुधार न मिलने पर पीएचडी कार्यक्रम गंभीर जोखिम में पड़ सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर के उच्च शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे आवश्यक संसाधन प्रदान करें और उन प्रणालीगत समस्याओं को दूर करें जो शोध की गुणवत्ता को बाधित करती हैं। शीर्षक में दिया गया “फंड इट, फिक्स इट, ऑर लूज़ इट” संदेश इस बात पर ज़ोर देता है कि आगे की कार्रवाई न करने पर उन्नत अध्ययन और शैक्षणिक प्रतिभा को नुकसान हो सकता है।

यदि इन चिंताओं को हल नहीं किया गया, तो पीएचडी कार्यक्रमों का नुकसान राज्य की नवाचार क्षमता, शोध उत्पादन और कुशल कार्यबल विकास को कम कर देगा, जिससे स्थानीय संस्थानों और व्यापक सामाजिक‑आर्थिक प्रगति दोनों पर असर पड़ेगा।
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