📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Haoreima
रक्षा
मणिपुर ने मिलिटेंट विरोधी कार्रवाई के लिए 30 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों की मांग की
✍️ Hub News
🗓 08 अक्टू. 2026, 12:37 PM
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मणिपुर सरकार ने मिलिटेंट विरोधी अभियान को सुदृढ़ करने हेतु 30 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों की मांग की है।
मणिपुर सरकार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह त्रिशंख्या में तीस अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियों को तैनात करे, ताकि राज्य में चल रहे मिलिटेंट विरोधी अभियानों को तेज़ किया जा सके। यह मांग बढ़ते विद्रोही सक्रियता के मद्देनज़र की गई है, जिसने मौजूदा सुरक्षा संसाधनों पर दबाव बढ़ा दिया है।
CAPF में CRPF, BSF और ITBP जैसी इकाइयाँ शामिल हैं, जो उत्तर‑पूर्व में काउंटर‑इंसर्जेंसी कार्यों में लगी रहती हैं। राज्य के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान बलों की संख्या कठिन भूभाग और कई संघर्ष क्षेत्रों को एक साथ कवर करने में अपर्याप्त है, और अतिरिक्त कंपनियों से प्रतिक्रिया समय में सुधार और क्षेत्रीय कवरेज बढ़ेगा।
केंद्र ने अभी तक स्वीकृति का समय नहीं बताया है, पर सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव आगामी अंतर‑मंत्रालयीय सुरक्षा बैठक में चर्चा का विषय बनेगा। मंजूरी मिलने पर नई तैनाती से संचालन में बदलाव आ सकता है, जिससे नागरिक हताहतों में कमी और मिलिटेंट भर्ती में गिरावट की उम्मीद है।
मणिपुर दशकों से हिंसा के दौरों का सामना कर रहा है, और नई CAPF इकाइयों की मांग क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
CAPF में CRPF, BSF और ITBP जैसी इकाइयाँ शामिल हैं, जो उत्तर‑पूर्व में काउंटर‑इंसर्जेंसी कार्यों में लगी रहती हैं। राज्य के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान बलों की संख्या कठिन भूभाग और कई संघर्ष क्षेत्रों को एक साथ कवर करने में अपर्याप्त है, और अतिरिक्त कंपनियों से प्रतिक्रिया समय में सुधार और क्षेत्रीय कवरेज बढ़ेगा।
केंद्र ने अभी तक स्वीकृति का समय नहीं बताया है, पर सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव आगामी अंतर‑मंत्रालयीय सुरक्षा बैठक में चर्चा का विषय बनेगा। मंजूरी मिलने पर नई तैनाती से संचालन में बदलाव आ सकता है, जिससे नागरिक हताहतों में कमी और मिलिटेंट भर्ती में गिरावट की उम्मीद है।
मणिपुर दशकों से हिंसा के दौरों का सामना कर रहा है, और नई CAPF इकाइयों की मांग क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है।