📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ianaré sévi
राजनीति
मणिपुर ने 1951 के आधार पर राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण की मांग की, विवाद बढ़ा
✍️ The Indian Express
🗓 09 सित. 2026, 04:19 PM
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मणिपुर के अधिकारियों ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) को 1951 की जनगणना पर आधारित करने की मांग की है, जिससे डेटा की सटीकता और राजनीतिक प्रभावों पर विवाद हुआ है।
मणिपुर राज्य ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) को 1951 की जनगणना पर आधारित करने का औपचारिक अनुरोध किया है, जो 2019 के NRC में उपयोग किए गए 2011 के आंकड़ों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र के मूल जनसांख्यिकीय परिदृश्य के साथ पंजीकरण को संरेखित करना है, ताकि नागरिकता स्थिति निर्धारित करने के मानदंडों में स्थिरता बनी रहे।
आलोचकों का कहना है कि 1951 का आधार पुराना है, जिससे हालिया प्रवास और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को नजरअंदाज किया जा सकता है, और वैध निवासियों को गलत तरीके से बाहर किया जा सकता है।
यह अनुरोध केंद्रीय सरकार को भेजा गया है, जिससे संसद में बहस छिड़ गई है और प्रशासनिक सटीकता व समावेशिता के बीच संतुलन पर सवाल उठे हैं।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र के मूल जनसांख्यिकीय परिदृश्य के साथ पंजीकरण को संरेखित करना है, ताकि नागरिकता स्थिति निर्धारित करने के मानदंडों में स्थिरता बनी रहे।
आलोचकों का कहना है कि 1951 का आधार पुराना है, जिससे हालिया प्रवास और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को नजरअंदाज किया जा सकता है, और वैध निवासियों को गलत तरीके से बाहर किया जा सकता है।
यह अनुरोध केंद्रीय सरकार को भेजा गया है, जिससे संसद में बहस छिड़ गई है और प्रशासनिक सटीकता व समावेशिता के बीच संतुलन पर सवाल उठे हैं।