📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति
मनिपुर सांसद ने जेएनयू बर्खास्तगी को "विच हंट" कहा
✍️ The Times of India
🗓 11 अक्टू. 2026, 03:37 AM
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मनिपुर के सांसद, जिन्हें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद से हटाया गया, ने इस कार्रवाई को "विच हंट" कहा है।
मनिपुर के एक सांसद, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफ़ेसर भी थे, को इस हफ़्ते अपने शैक्षणिक पद से हटाया गया। इस कार्रवाई को लेकर उन्होंने मीडिया को बताया कि यह एक "विच हंट" है और इसे राजनीतिक कारणों से किया गया है, न कि शैक्षणिक कारणों से।
विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया संबंधी कारणों का हवाला दिया, परन्तु सांसद ने इस स्पष्टीकरण को अस्वीकार कर कहा कि यह कदम शैक्षणिक स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाता है और असहमति वाली आवाज़ों को निशाना बनाता है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की पुनः जाँच और अपना पद बहाल करने की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना निर्वाचित प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है, विशेषकर जब विवादास्पद विचारधाराएँ सामने आती हैं। सांसद ने बताया कि वह इस बर्खास्तगी को चुनौती देने के लिए कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
अब तक बर्खास्तगी के विशिष्ट कारणों या विश्वविद्यालय की आंतरिक कार्यवाही के बारे में कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है, और दोनों पक्ष आगे की प्रगति का इंतज़ार कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया संबंधी कारणों का हवाला दिया, परन्तु सांसद ने इस स्पष्टीकरण को अस्वीकार कर कहा कि यह कदम शैक्षणिक स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाता है और असहमति वाली आवाज़ों को निशाना बनाता है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की पुनः जाँच और अपना पद बहाल करने की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना निर्वाचित प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है, विशेषकर जब विवादास्पद विचारधाराएँ सामने आती हैं। सांसद ने बताया कि वह इस बर्खास्तगी को चुनौती देने के लिए कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
अब तक बर्खास्तगी के विशिष्ट कारणों या विश्वविद्यालय की आंतरिक कार्यवाही के बारे में कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है, और दोनों पक्ष आगे की प्रगति का इंतज़ार कर रहे हैं।