📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
राजनीति
मणिपुर के सीएम ने शांगशाक‑टेंगनौपाल हाईवे को जल्दी शुरू करने और इम्फाल एलीवेटेड रोड के लिए मंजूरी की मांग की
✍️ India Today NE
🗓 09 अक्टू. 2026, 01:16 AM
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने शांगशाक‑टेंगनौपाल हाईवे को शीघ्र शुरू करने और इम्फाल में एलीवेटेड रोड के लिए केंद्र से मंजूरी माँगी।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने शांगशाक‑टेंगनौपाल हाईवे परियोजना को शीघ्र शुरू करने की मांग की है, जो राज्य के उत्तरी जिलों में संपर्क सुधारने के लिए एक प्रमुख बुनियादी ढांचा योजना है। इम्फाल में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान उन्होंने बताया कि यह सड़क व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा देगी।
लगभग 70 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित हाईवे दूरस्थ सीमा क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने का लक्ष्य रखती है, जिससे यात्रा समय घटेगा और माल के परिवहन में सुविधा होगी। राज्य अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से आर्थिक विकास को गति मिलेगी और लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा भी मजबूत होगी।
हाईवे के साथ ही मुख्यमंत्री ने इम्फाल में एलीवेटेड रोड के लिए केंद्र से मंजूरी की भी अपील की। शहर की मौजूदा मुख्य सड़कों पर भीड़भाड़ है, और एक ऊँचा मार्ग ट्रैफ़िक को कम करने और शहरी गतिशीलता को सुधारने में मददगार माना जा रहा है।
उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से शीघ्र स्वीकृति और आवश्यक फंडिंग देने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि देरी से राज्य के विकास एजेंडा पर असर पड़ेगा। मंजूरी मिलने पर राज्य जमीन अधिग्रहण और अन्य तैयारियों को तेज़ी से आगे बढ़ाने को तैयार है।
स्थानीय व्यापार समूह और परिवहन संघों ने मुख्यमंत्री के इस आह्वान का स्वागत किया, यह कहते हुए कि दोनों परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन मणिपुर के परिवहन परिदृश्य को बदल देगा और आगे निवेश को आकर्षित करेगा।
लगभग 70 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित हाईवे दूरस्थ सीमा क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने का लक्ष्य रखती है, जिससे यात्रा समय घटेगा और माल के परिवहन में सुविधा होगी। राज्य अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से आर्थिक विकास को गति मिलेगी और लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा भी मजबूत होगी।
हाईवे के साथ ही मुख्यमंत्री ने इम्फाल में एलीवेटेड रोड के लिए केंद्र से मंजूरी की भी अपील की। शहर की मौजूदा मुख्य सड़कों पर भीड़भाड़ है, और एक ऊँचा मार्ग ट्रैफ़िक को कम करने और शहरी गतिशीलता को सुधारने में मददगार माना जा रहा है।
उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से शीघ्र स्वीकृति और आवश्यक फंडिंग देने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि देरी से राज्य के विकास एजेंडा पर असर पड़ेगा। मंजूरी मिलने पर राज्य जमीन अधिग्रहण और अन्य तैयारियों को तेज़ी से आगे बढ़ाने को तैयार है।
स्थानीय व्यापार समूह और परिवहन संघों ने मुख्यमंत्री के इस आह्वान का स्वागत किया, यह कहते हुए कि दोनों परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन मणिपुर के परिवहन परिदृश्य को बदल देगा और आगे निवेश को आकर्षित करेगा।