स्थानीय
मानवाधिकारों का संरक्षण समग्र विकास का आधार: डॉ. अवधेश प्रताप सिंह
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने टीकमगढ़ में जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का संरक्षण सुशासन और समग्र विकास का आधार है और जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
टीकमगढ़ प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कुंडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के उपरांत सर्किट हाउस में जिला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मानवाधिकारों का संरक्षण ही सुशासन और समग्र विकास की नींव है। डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशील एवं जनहित से जुड़े मामलों में पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय और आवश्यक सहायता मिल सके।
बैठक में डॉ. सिंह ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी घटना में मृतक के परिजनों को शासन की ओर से देय सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए और इसके लिए उन्हें किसी भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिला स्तर पर ऐसे प्रकरणों की निरंतर समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेयजल, शराब अथवा अन्य कारणों से उत्पन्न होने वाली संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को सजग रहने और निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
आयोग अध्यक्ष ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुरानी पाइपलाइनों की स्थिति, पेयजल टंकियों की नियमित सफाई तथा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक से विभिन्न थानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा संबंधित प्रकरणों की जानकारी लेकर चर्चा की गई।
डॉ. सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विशाल धाकड़, अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटोरिया, तहसीलदार टीकमगढ़ श्री सतेंद्र गुर्जर, पीओ डूडा श्री ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमएचओ डॉ. अमित चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अमित जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में डॉ. सिंह ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी घटना में मृतक के परिजनों को शासन की ओर से देय सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए और इसके लिए उन्हें किसी भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिला स्तर पर ऐसे प्रकरणों की निरंतर समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेयजल, शराब अथवा अन्य कारणों से उत्पन्न होने वाली संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को सजग रहने और निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
आयोग अध्यक्ष ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुरानी पाइपलाइनों की स्थिति, पेयजल टंकियों की नियमित सफाई तथा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक से विभिन्न थानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा संबंधित प्रकरणों की जानकारी लेकर चर्चा की गई।
डॉ. सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विशाल धाकड़, अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटोरिया, तहसीलदार टीकमगढ़ श्री सतेंद्र गुर्जर, पीओ डूडा श्री ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमएचओ डॉ. अमित चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अमित जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।