Health
मानसिक स्वास्थ्य माह को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित
जालोर// रष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत 10 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों के सफल आयोजन एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण विषय है। मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान जिले में जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए। उन्होंने बताया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से आमजन तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने मानसिक तनाव, अवसाद सहित अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार एवं परामर्श उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीरेंद्र हमथानी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें रैली, दौड़, मैराथन, कार्यशाला, प्रश्न प्रतियोगिता, सोशल मीडिया अभियान, स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
मनोचिकित्सक डॉ. महेश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनके प्रारंभिक लक्षणों तथा समय पर उपचार एवं परामर्श के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद आदि लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
फिजिशियन डॉ. रमेश चौधरी ने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के आपसी संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार एवं शारीरिक गतिविधियों का मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की ।
बैठक में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण विषय है। मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान जिले में जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए। उन्होंने बताया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से आमजन तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने मानसिक तनाव, अवसाद सहित अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार एवं परामर्श उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीरेंद्र हमथानी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें रैली, दौड़, मैराथन, कार्यशाला, प्रश्न प्रतियोगिता, सोशल मीडिया अभियान, स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
मनोचिकित्सक डॉ. महेश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनके प्रारंभिक लक्षणों तथा समय पर उपचार एवं परामर्श के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद आदि लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
फिजिशियन डॉ. रमेश चौधरी ने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के आपसी संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार एवं शारीरिक गतिविधियों का मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की ।