Politics
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय तीर्थ घोषित करने के लिए जिला बैठक में तय की गई रणनीति
राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कुशलगढ़ की बैठक में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए 22 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में जनजाति गौरव दिवस और 'चलो मानगढ़' अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रमों की योजना भी बनाई गई।
राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कुशलगढ़ द्वारा आयोजित मासिक जिला बैठक महर्षि वाल्मीकि आश्रम मोर, कुशलगढ़ में संपन्न हुई। इस बैठक में विभाग मंत्री श्रीमान भरत जी कुमावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्रीमान बहादुर जी डामोर ने अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने के लिए रणनीति तैयार करना था।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय तीर्थ घोषित करने की मांग की जाएगी। विभाग मंत्री भरत जी कुमावत ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में संगठन का प्रमुख लक्ष्य मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
इसके अलावा, बैठक में आगामी महीनों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। 20 दिसंबर को 'चलो मानगढ़' थीम पर यात्रा की योजना बनाई गई, जबकि 15 से 25 नवंबर तक विभिन्न स्थानों पर जनजाति गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। फरवरी माह में 'वन मित्र अभियान' चलाए जाने और 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक जिला सम्मेलन को स्थापना दिवस के रूप में मनाने का भी फैसला किया गया। साथ ही, जिला संगठन को और सशक्त बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की गई।
बैठक में जिला मंत्री श्रीमान मालजी जी मईडा, जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक श्री वेसताराम वसुनिया, प्रांतीय जनजातीय सुरक्षा मंच संयोजक डॉ वजहेग मईडा, देवगिरी महाराज, रामगिरी जी, मानगिरी महाराज और मांगू महाराज समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आश्रम प्रमुख भरत जी ने किया, जबकि आभार जिला संगठन मंत्री वेलजी देवदा ने जताया। यह जानकारी आश्रम प्रमुख प्रवीण गरासिया ने दी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय तीर्थ घोषित करने की मांग की जाएगी। विभाग मंत्री भरत जी कुमावत ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में संगठन का प्रमुख लक्ष्य मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
इसके अलावा, बैठक में आगामी महीनों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। 20 दिसंबर को 'चलो मानगढ़' थीम पर यात्रा की योजना बनाई गई, जबकि 15 से 25 नवंबर तक विभिन्न स्थानों पर जनजाति गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। फरवरी माह में 'वन मित्र अभियान' चलाए जाने और 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक जिला सम्मेलन को स्थापना दिवस के रूप में मनाने का भी फैसला किया गया। साथ ही, जिला संगठन को और सशक्त बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की गई।
बैठक में जिला मंत्री श्रीमान मालजी जी मईडा, जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक श्री वेसताराम वसुनिया, प्रांतीय जनजातीय सुरक्षा मंच संयोजक डॉ वजहेग मईडा, देवगिरी महाराज, रामगिरी जी, मानगिरी महाराज और मांगू महाराज समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आश्रम प्रमुख भरत जी ने किया, जबकि आभार जिला संगठन मंत्री वेलजी देवदा ने जताया। यह जानकारी आश्रम प्रमुख प्रवीण गरासिया ने दी।