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16 Oct 2026•
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मालतीधारी कॉलेज नौबतपुर में डांडिया महोत्सव का किया गया आयोजन
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मालतीधारी कॉलेज नौबतपुर में डांडिया महोत्सव का किया गया आयोजन

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 15 Oct 2026, 06:38 PM 👁 29
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मालतीधारी कॉलेज में सांस्कृतिक समिति गूँज के संयुक्त तत्वाधान में भव्य डांडिया ममहोत्सव के किया गया आयोजन

नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

मालतीधारी महाविद्यालय, नौबतपुर, पटना

(पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना की अंगीभूत इकाई)
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं सांस्कृतिक समिति ‘गुंज’ के संयुक्ततत्वाधान में डांडिया ममहोत्सव का भव्य आयोजन


मालतीधारी महाविद्यालय, नौबतपुर, पटना

आयोजक: राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं सांस्कृतिक समिति ‘गुंज’

मुख्य समन्वयक: डॉ. कुमारी भारती, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी
नौबतपुर, पटना।

मालतीधारी महाविद्यालय, नौबतपुर, पटना में दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं सांस्कृतिक समिति ‘गुंज’ के संयुक्त तत्वावधान में डांडिया महोत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। महाविद्यालय के संवाद मंडपम भवन में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार के मार्गदर्शन तथा डॉ. कुमारी भारती, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह मुख्य समन्वयक के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
डांडिया महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, सामूहिक एकता, नारी शक्ति के सम्मान एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण संवाद मंडपम भवन भक्ति, उमंग, उत्साह एवं उल्लास से सराबोर रहा। माँ दुर्गा की आराधना एवं शक्ति की उपासना के प्रतीक इस सांस्कृतिक आयोजन में छात्र-छात्राओं ने आकर्षक डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार का प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, आपसी सहयोग, अनुशासन एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
डॉ. कुमारी भारती का आध्यात्मिक एवं दार्शनिक संदेश
कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कुमारी भारती ने अपने संबोधन में डांडिया महोत्सव के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“हम सभी को अपने अंतर्मन में स्थित आत्मज्योति को प्रज्वलित करने की आवश्यकता है। यही आत्मज्योति हमारे जीवन से अज्ञान, अंधकार, नकारात्मकता एवं आसुरी प्रवृत्तियों को दूर कर ज्ञान, विवेक, प्रेम, करुणा और सकारात्मक चेतना का संचार करती है।”
उन्होंने आगे कहा कि माँ दुर्गा केवल शक्ति और साहस की प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे हमारे भीतर विद्यमान दिव्य चेतना, आत्मविश्वास एवं नैतिक शक्ति की भी प्रतीक हैं।
“वास्तविक शक्ति केवल बाहरी प्रदर्शन में नहीं, बल्कि अपने भीतर की दुर्बलताओं, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और अज्ञान पर विजय प्राप्त करने में निहित है। जब मनुष्य अपने अंतर्मन की ज्योति को जागृत करता है, तभी उसका वास्तविक आत्मिक एवं आध्यात्मिक विकास संभव होता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि जिस प्रकार दीपक का प्रकाश अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार ज्ञान, सदाचार, अनुशासन एवं आत्मचेतना का प्रकाश जीवन को सार्थक बनाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डांडिया केवल एक लोकनृत्य नहीं, बल्कि सामूहिक एकता, सांस्कृतिक समन्वय, सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति की आराधना का प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवाओं में भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं।
शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार सहित डॉ. हेमंत झा, डॉ. विकास कुमार, डॉ. अंकित कुमार,
डॉ. रिषिकेश, डॉ. सुधांशु शेखर, श्रीमती शशिकला, डॉ. राजीव रंजन , .डौ संयुक्ता मयूरी एवं सोनु कुमार, रोहित कुमार,अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
साथ ही शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में अमित कुमार, प्रभात कुमार, नवीन कुमार,रिंकी कुमारी, रामविलास जी, केशव जी, अभिषेक जी सहित अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विद्यार्थियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि विद्यार्थियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर पूरे महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण निर्मित किया।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम की व्यवस्था, अनुशासन, समन्वय एवं सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सामूहिक नेतृत्व, सहयोग, सामाजिक सहभागिता एवं संगठनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान किया।
सांस्कृतिक एकता एवं सकारात्मक चेतना का संदेश
डांडिया महोत्सव के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा, नारी शक्ति की महत्ता, आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि को विकसित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास, उत्साह एवं आपसी सौहार्द के वातावरण में हुआ।

इस प्रकार राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सांस्कृतिक समिति ‘गुंज’ के संयुक्त प्रयास, प्राचार्य के मार्गदर्शन, डॉ. कुमारी भारती के कुशल समन्वय तथा समस्त शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग से डांडिया महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रतिवेदन प्रस्तुतकर्ता
डॉ. कुमारी भारती
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