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06 Nov 2026•
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मालतीधारी कॉलेज में गुरु शिष्य परंपरा परव्याख्यान का आयोजन
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मालतीधारी कॉलेज में गुरु शिष्य परंपरा परव्याख्यान का आयोजन

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 20 Aug 2026, 08:52 PM 👁 108
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नौबतपुर स्थित मालतीधारी कॉलेज में गुरुवार को गुरु शिष्य परंपरा परव्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य ने दीप प्रज्वलित किया किया

नौबतपुर, 20 अगस्त 2026: मालती धारी कॉलेज, नौबतपुर में आज दिनांक 20 अगस्त 2026 को दोपहर 1बजे पूज्य महर्षि वेदव्यासगुरु शिष्यपरंपरापूजन एवं गुरु शिष्य परम्पराएं पर एक व्याख्यान व्याख्यान आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार के द्वारा किया गया। डॉ. कुमारी भारती मंच संचालन करते हुए महर्षि वेदव्यास के बारे में बताते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ की। नौबतपुर, 20 अगस्त 2026मालती धारी कॉलेज, नौबतपुर में आज दिनांक 20 अगस्त 2026 को दोपहर 1बजे भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संबंधों एवं जीवन में गुरु के महत्व को समर्पित “पूज्य महर्षि वेदव्यास गुरु पूजन एवं गुरु-शिष्य परंपरा” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. कुमारी भारती ने किया। उन्होंने महर्षि वेदव्यास के व्यक्तित्व, कृतित्व तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की गरिमापूर्ण शुरुआत की।

इस अवसर पर भारत शिक्षण मंडल, बिहार के संयोजक श्री केशव कुमार एवं श्री शिवम कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की भारतीय संस्कृति में महत्ता, गुरु के प्रति श्रद्धा तथा विद्यार्थियों के चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण में गुरु की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा में गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक, संस्कारदाता और व्यक्तित्व निर्माण का आधार माना गया है।

प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वेदव्यास भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के महान स्तंभ हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय सभ्यता की अमूल्य विरासत बताते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में भी ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभावना को महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान रखते हुए उनके मार्गदर्शन को जीवन की प्रगति का आधार बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. गोरख राम, डॉ. राजीव कुमार रंजन, श्री शिशिर कुमार, श्री सुधांशु शेखर, कॉलेज के बड़े बाबू श्री रामविलास प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों को आगे बढ़ाने तथा प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाविद्यालय में गुरु पूजन उत्सव आयोजित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

यह आयोजन मालती धारी कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार एवं मूल्य आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में भारत शिक्षण मंडल के बिहार के संयोजक श्री केशव कुमार एवं श्री शिवम कुमार के व्याख्यान उद्बोधन हुआ।

इस अवसर पर डॉ. गोरख राम, डॉ. राजीव कुमार रंजन, श्री शिशिर कुमार, श्री सुधांशु शेखर, , कॉलेज के बड़े बाबू श्री रामविलास प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं एवं कॉलेज परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा को महाविद्यालय में गुरु पूजन उत्सव किये जाने का संकल्प लिया।
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