📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
स्थानीय
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में कॉलर‑पहने नर हाथी का सफल रेस्क्यू, घाव की ड्रेसिंग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 अक्टू. 2026, 09:31 PM
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बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में कॉलर‑नंबर 3 पहने नर जंगली हाथी को घाव के बाद बचाया गया, घाव की ड्रेसिंग की गई और अब कल्लवाह रेंज के अस्थायी निगरानी क्षेत्र में रखा गया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में कॉलर‑नंबर 3 पहने नर जंगली हाथी के गर्दन में कॉलर कसने से घाव हो जाने पर 80 से अधिक अधिकारी‑कर्मियों ने मोर्चा संभाला। टीम ने हाथी को सुरक्षित रूप से पकड़ कर तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की।
वन्यजीव चिकित्सकों ने घाव को साफ़ किया, संक्रमण रोकने के लिये ड्रेसिंग लगाई और हाथी की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे स्थानांतरित किया। कॉलर, जो ट्रैकिंग के लिये प्रयोग होता है, की जाँच कर फिर से सही ढंग से कस दिया गया।
अब इस हाथी को कल्लवाह रेंज के अस्थायी निगरानी क्षेत्र में रखा गया है, जहाँ विशेषज्ञ उसकी सेहत और व्यवहार पर करीबी नज़र रखेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रैकिंग उपकरणों की नियमित जाँच बड़े जानवरों की सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
यह घटना वन विभाग के कर्मचारियों की समन्वित कार्रवाई और वन्यजीव आपातकालीन प्रबंधन की तत्परता को दर्शाती है।
वन्यजीव चिकित्सकों ने घाव को साफ़ किया, संक्रमण रोकने के लिये ड्रेसिंग लगाई और हाथी की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे स्थानांतरित किया। कॉलर, जो ट्रैकिंग के लिये प्रयोग होता है, की जाँच कर फिर से सही ढंग से कस दिया गया।
अब इस हाथी को कल्लवाह रेंज के अस्थायी निगरानी क्षेत्र में रखा गया है, जहाँ विशेषज्ञ उसकी सेहत और व्यवहार पर करीबी नज़र रखेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रैकिंग उपकरणों की नियमित जाँच बड़े जानवरों की सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
यह घटना वन विभाग के कर्मचारियों की समन्वित कार्रवाई और वन्यजीव आपातकालीन प्रबंधन की तत्परता को दर्शाती है।