मुख्याध्यापक महादेव डे के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग
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मुख्याध्यापक महादेव डे के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग
मुख्याध्यापक महादेव डे के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग
गडचिरोली / चंद्रपुर | दिनांक: 16 अक्टूबर 2026
गडचिरोली जिले के चामोर्शी तहसील अंतर्गत जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय येनापुर क्रमांक 16 के मुख्याध्यापक महादेव डे के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग डॉ. पिंटू दयाल पाल ने जिला परिषद गडचिरोली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से की है।
डॉ. पाल के अनुसार, इस मामले के संबंध में गौरिपुर, जयनगर, विकासपल्ली तथा येनापुर से जुड़े कुछ व्यक्तियों के कथनों वाले वीडियो पेनड्राइव के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए हैं। इन वीडियो में कथित घटनाओं और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया है कि इन वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष निकाला जाए।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनकी पुत्री तथा उनके भाई की पुत्री से संबंधित कथित छेड़छाड़ के मामलों में लिखित शिकायतें पहले ही संबंधित अधिकारियों को दी गई हैं। उन्होंने इन शिकायतों और पहले से प्रस्तुत साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट करने तथा अब तक की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. पाल ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी शिकायत को बिना उचित जांच के खारिज नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी घोषित किया जाना चाहिए।
उन्होंने जिला परिषद प्रशासन से मांग की है कि मामले की वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो लागू कानूनों एवं सेवा नियमों के अनुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। आवश्यकता के अनुसार मुख्याध्यापक को पद से हटाने अथवा सेवा से बर्खास्त करने पर भी नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
डॉ. पाल ने यह भी कहा कि यदि उन्हें उचित कार्रवाई और जांच की स्थिति के संबंध में संतोषजनक लिखित उत्तर नहीं मिलता है, तो वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल तथा केंद्र सरकार के संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने तथा अनिश्चितकालीन अनशन पर विचार करने की बात भी कही है।
डॉ. पिंटू दयाल पाल की प्रमुख मांगें:
- सभी प्रस्तुत शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच।
- संबंधित व्यक्तियों के बयानों एवं दस्तावेजों का सत्यापन।
- जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति की लिखित जानकारी।
- आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई।
प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता:
डॉ. पिंटू दयाल पाल
शेतकरी संगठन / स्वतंत्र भारत पक्ष
चिचपल्ली, तहसील एवं जिला चंद्रपुर, महाराष्ट्र।
नोट: इस प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है। संबंधित व्यक्ति का पक्ष तथा सक्षम जांच के निष्कर्ष उपलब्ध होने पर उन्हें भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
गडचिरोली / चंद्रपुर | दिनांक: 16 अक्टूबर 2026
गडचिरोली जिले के चामोर्शी तहसील अंतर्गत जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय येनापुर क्रमांक 16 के मुख्याध्यापक महादेव डे के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग डॉ. पिंटू दयाल पाल ने जिला परिषद गडचिरोली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से की है।
डॉ. पाल के अनुसार, इस मामले के संबंध में गौरिपुर, जयनगर, विकासपल्ली तथा येनापुर से जुड़े कुछ व्यक्तियों के कथनों वाले वीडियो पेनड्राइव के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए हैं। इन वीडियो में कथित घटनाओं और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया है कि इन वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष निकाला जाए।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनकी पुत्री तथा उनके भाई की पुत्री से संबंधित कथित छेड़छाड़ के मामलों में लिखित शिकायतें पहले ही संबंधित अधिकारियों को दी गई हैं। उन्होंने इन शिकायतों और पहले से प्रस्तुत साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट करने तथा अब तक की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. पाल ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी शिकायत को बिना उचित जांच के खारिज नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी घोषित किया जाना चाहिए।
उन्होंने जिला परिषद प्रशासन से मांग की है कि मामले की वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो लागू कानूनों एवं सेवा नियमों के अनुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। आवश्यकता के अनुसार मुख्याध्यापक को पद से हटाने अथवा सेवा से बर्खास्त करने पर भी नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
डॉ. पाल ने यह भी कहा कि यदि उन्हें उचित कार्रवाई और जांच की स्थिति के संबंध में संतोषजनक लिखित उत्तर नहीं मिलता है, तो वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल तथा केंद्र सरकार के संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने तथा अनिश्चितकालीन अनशन पर विचार करने की बात भी कही है।
डॉ. पिंटू दयाल पाल की प्रमुख मांगें:
- सभी प्रस्तुत शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच।
- संबंधित व्यक्तियों के बयानों एवं दस्तावेजों का सत्यापन।
- जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति की लिखित जानकारी।
- आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई।
प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता:
डॉ. पिंटू दयाल पाल
शेतकरी संगठन / स्वतंत्र भारत पक्ष
चिचपल्ली, तहसील एवं जिला चंद्रपुर, महाराष्ट्र।
नोट: इस प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है। संबंधित व्यक्ति का पक्ष तथा सक्षम जांच के निष्कर्ष उपलब्ध होने पर उन्हें भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए।