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मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना: कोर्ट के आदेश के बावजूद कर्मियों की पुनः नियुक्ति पर रोक
मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत 2013 से कार्यरत कर्मियों को हटाए जाने के मामले में, हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद उनकी पुनः नियुक्ति नहीं की गई है। कर्मियों ने सरकार से यथाशीघ्र नियुक्ति दिलाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत कार्यरत कर्मियों को हटाए जाने के क्रम में, सरकार से उनकी पुनः नियुक्ति की मांग की गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब सरकार ने 'हब एंड स्पोक' मॉडल का हवाला देते हुए 2013 से योजना में लगे कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया। कर्मियों का कहना है कि यह कदम उचित नहीं है।
इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जब तक मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना संचालित है, तब तक योजना के अंतर्गत लगे कार्मिक यथास्थान पर कार्यरत रहेंगे। यह आदेश निदेशालय तक भी पहुंच चुका है।
हालांकि, आदेश निदेशालय में पहुंचने के बावजूद, आज दिन तक इन कार्मिकों को पुनः कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया है। इससे नाराज कर्मियों ने सरकार से मांग की है कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें तत्काल पुनः नियुक्ति दी जाए, ताकि वे योजना के सुचारू संचालन में अपना योगदान जारी रख सकें।
इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जब तक मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना संचालित है, तब तक योजना के अंतर्गत लगे कार्मिक यथास्थान पर कार्यरत रहेंगे। यह आदेश निदेशालय तक भी पहुंच चुका है।
हालांकि, आदेश निदेशालय में पहुंचने के बावजूद, आज दिन तक इन कार्मिकों को पुनः कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया है। इससे नाराज कर्मियों ने सरकार से मांग की है कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें तत्काल पुनः नियुक्ति दी जाए, ताकि वे योजना के सुचारू संचालन में अपना योगदान जारी रख सकें।