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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर में कृष्ण मृग रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया
शाजापुर के कुलमनखेड़ी में बोमा पद्धति से 1,236 हिरणों के रेस्क्यू के दूसरे चरण का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों की फसल सुरक्षा पर जोर दिया।
शाम को शाजापुर के कुलमनखेड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोमा पद्धति से कृष्ण मृगों के रेस्क्यू एवं स्थानांतरण अभियान के दूसरे चरण का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से ग्राम रंथभंवर पहुंचे, जहाँ कलेक्टर डॉ. परीक्षित संजयराव झाड़े, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, विधायक अरुण भीमावद और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया, फिर सड़क मार्ग से कुलमनखेड़ी पहुँचे।
अभियान के तहत अफ्रीका से बुलाए गए विशेषज्ञों की टीम ने बिना नुकसान पहुँचाए हिरणों को पकड़कर निर्धारित वन्य अभयारण्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया। अब तक 1,236 हिरणों का रेस्क्यू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल किसानों की फसलों को जंगली हिरणों और नीलगायों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए चल रही है, और प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है।
बोमा पद्धति से चलाया जा रहा यह अभियान वन्यजीव संरक्षण और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से ग्राम रंथभंवर पहुंचे, जहाँ कलेक्टर डॉ. परीक्षित संजयराव झाड़े, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, विधायक अरुण भीमावद और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया, फिर सड़क मार्ग से कुलमनखेड़ी पहुँचे।
अभियान के तहत अफ्रीका से बुलाए गए विशेषज्ञों की टीम ने बिना नुकसान पहुँचाए हिरणों को पकड़कर निर्धारित वन्य अभयारण्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया। अब तक 1,236 हिरणों का रेस्क्यू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल किसानों की फसलों को जंगली हिरणों और नीलगायों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए चल रही है, और प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है।
बोमा पद्धति से चलाया जा रहा यह अभियान वन्यजीव संरक्षण और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।