📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Railways
टेक्नोलॉजी
मेक इन इंडिया अब फोन असेंबली से घटक निर्माण की ओर, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा
✍️ varindia
🗓 27 सित. 2026, 07:46 AM
👁 13
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मेक इन इंडिया अब केवल फोन असेंबली नहीं, बल्कि उसके अंदरूनी घटकों के उत्पादन पर भी केंद्रित होगा।
नई दिल्ली, 27 सितंबर (Varindia) – इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि मेक इन इंडिया पहल अब केवल फोन असेंबली तक सीमित नहीं रहेगी; इसके तहत प्रोसेसर, कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले पैनल जैसे मुख्य घटकों का निर्माण भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम भारत की आयातित भागों पर निर्भरता घटाकर घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वैष्णव ने कहा कि सरकार वित्तीय प्रोत्साहन, कस्टम प्रक्रियाओं में सरलीकरण और विशेष तकनीकी पार्कों की स्थापना के माध्यम से विदेशी व भारतीय कंपनियों को घटक उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आकर्षित करेगी। उन्होंने इस नीति परिवर्तन को उच्च मूल्य वाली इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में भारत को एक प्रमुख केंद्र बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
उद्योग विशेषज्ञ इस घोषणा को वैश्विक आपूर्ति‑शृंखला में व्यवधान और स्मार्टफ़ोन घटकों की स्थानीय मांग में वृद्धि के संदर्भ में सकारात्मक मान रहे हैं। मंत्रालय अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी करेगा, जिसका लक्ष्य 2027 तक घटक उत्पादन में उल्लेखनीय मात्रा हासिल करना है।
वैष्णव ने कहा कि सरकार वित्तीय प्रोत्साहन, कस्टम प्रक्रियाओं में सरलीकरण और विशेष तकनीकी पार्कों की स्थापना के माध्यम से विदेशी व भारतीय कंपनियों को घटक उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आकर्षित करेगी। उन्होंने इस नीति परिवर्तन को उच्च मूल्य वाली इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में भारत को एक प्रमुख केंद्र बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
उद्योग विशेषज्ञ इस घोषणा को वैश्विक आपूर्ति‑शृंखला में व्यवधान और स्मार्टफ़ोन घटकों की स्थानीय मांग में वृद्धि के संदर्भ में सकारात्मक मान रहे हैं। मंत्रालय अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी करेगा, जिसका लक्ष्य 2027 तक घटक उत्पादन में उल्लेखनीय मात्रा हासिल करना है।