🔥 TRENDING Proud moment for oasis education insti... ರಾಜ್ಯೋತ್ಸವ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಪುರಸ್ಕೃತ ಈರಣ್ಣ ರುದ... અમદાવાદ મ્યુનિસિપલ કોર્પોરેશન દ્વારા મ... Bihar bans jeans, adds DJ shows to upl... Raj Thackeray Criticizes BJP at Democr... Uttar Pradesh Medical Colleges Deploy...
06 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
मिक्सिंग मटेरियल प्लांट का प्रदूषण
Health

मिक्सिंग मटेरियल प्लांट का प्रदूषण

✍️ Reporter: Kamal Singh 🗓 19 Sep 2026, 10:18 AM 👁 70
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

सारांश लिखने के लिए कृपया अपना मूल कंटेंट (लेख, कहानी, वीडियो की जानकारी या विषय) यहाँ शेयर करें। साथ ही, यह भी बता दें कि आपको सारांश कितना छोटा चाहिए (जैसे—1-2 पंक्तियाँ या एक छोटा पैराग्राफ)। विवरण मिलते ही मैं एक सटीक और आसान सारांश तैयार कर दूँगा!

| विशेष कवरेज
स्थान: ग्रेटर नोएडा (दादरी) | दिनांक: 16 सितंबर 2026 | पेज: 01
गौतम बुद्ध नगर: फूलपुर गांव में रेलवे रोड मटेरियल प्लांट से उगल रहा काला धुआं, सांसों पर संकट
प्रदूषण से दर्जनों ग्रामीण बीमार; पुलिस-प्रशासन की अकर्मण्यता पर भड़का जन-आक्रोश
[विशेष ग्राउंड रिपोर्ट — गांव फूलपुर (ग्रेटर नोएडा)]
ग्रेटर नोएडा की तहसील दादरी स्थित गांव फूलपुर में रेलवे रोड निर्माण सामग्री तैयार करने वाले एक मटेरियल प्लांट ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। प्लांट की चिमनियों से लगातार निकल रहे जहरीले काले धुएं और हवा में तैरती महीन धूल के कारण पूरा गांव गंभीर स्वास्थ्य संकट की गिरफ्त में आ चुका है।
💥 न्यूज़ हाइलाइट्स (मुख्य बिंदु)
* 😷 स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति: काले धुएं और जहरीली धूल से बच्चों व बुजुर्गों में फेफड़ों के संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी बीमारियां फैल रही हैं। कई लोग स्थानीय अस्पतालों में भर्ती हैं।
* 🛑 प्रशासन की चुप्पी: ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पुलिस प्रशासन और स्थानीय अफसरों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्लांट पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई।
* ⚠️ उग्र आंदोलन की चेतावनी: पुलिस-प्रशासन और प्लांट मालिक की मिलीभगत व उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्लांट तुरंत बंद नहीं हुआ तो वे सड़क जाम कर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
> 💬 ग्रामीणों का बयान:
> "रात-दिन काला धुआं और धूल उड़ती है। घरों के दरवाजे बंद रखने पर भी कालिख जम जाती है। सांस लेना दूभर हो गया है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। प्रशासन सो रहा है, अब हम चुप नहीं बैठेंगे।"
> — पीड़ित ग्रामीण, गांव फूलपुर
>
[आगामी स्थिति]
गांव में बढ़ते तनाव और जनाक्रोश को देखते हुए स्थिति कभी भी बड़े प्रदर्शन में बदल सकती है। स्थानीय निवासी अब सीधे उच्च अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दरवाजे पर दस्तक देने की तैयारी कर रहे हैं।

* 😷 स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति: काले धुएं और जहरीली धूल से बच्चों व बुजुर्गों में फेफड़ों के संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी बीमारियां फैल रही हैं। कई लोग स्थानीय अस्पतालों में भर्त
📲Get App