कृषि
महिसागर के संतारामपुर तालुका में जल कमी से किसानों को संकट
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महिसागर जिले के संतारामपुर तालुका में पर्याप्त वर्षा न होने के कारण जल स्तर घट गया, जिससे कृषि, पशुपालन और पेयजल पर गंभीर असर पड़ रहा है।
महिसागर जिले के संतारामपुर तालुका में मौसमी बरसात के दौरान पर्याप्त वर्षा न होने के कारण जल की गंभीर कमी उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण जनसंख्या के लिये पानी की उपलब्धता को प्रभावित कर रही है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तालुका के कई गाँवों के तालाब, चेकडेम, नदियों और छोटे जलाशयों में पानी का स्तर बहुत कम है या वे पूरी तरह सूखे हुए हैं। इससे कृषि सिंचाई, पशुधन की जल आपूर्ति और पेयजल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि आगामी दिनों में भी वर्षा की कमी बनी रही तो खेती, पशुपालन तथा पीने के पानी पर गंभीर असर पड़ेगा। इसलिए जल स्रोतों को भरने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने कहा कि संतारामपुर के उन गाँवों में जहाँ तालाब और चेकडेम खाली या अर्धभरे हैं, वहाँ उपलब्ध सरकारी सिंचाई योजनाओं और अन्य जल स्रोतों से नियमानुसार पानी पहुँचाया जाएगा। तालाबों को भरने से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसानों को आवश्यक जल उपलब्ध होगा।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तालुका के कई गाँवों के तालाब, चेकडेम, नदियों और छोटे जलाशयों में पानी का स्तर बहुत कम है या वे पूरी तरह सूखे हुए हैं। इससे कृषि सिंचाई, पशुधन की जल आपूर्ति और पेयजल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि आगामी दिनों में भी वर्षा की कमी बनी रही तो खेती, पशुपालन तथा पीने के पानी पर गंभीर असर पड़ेगा। इसलिए जल स्रोतों को भरने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने कहा कि संतारामपुर के उन गाँवों में जहाँ तालाब और चेकडेम खाली या अर्धभरे हैं, वहाँ उपलब्ध सरकारी सिंचाई योजनाओं और अन्य जल स्रोतों से नियमानुसार पानी पहुँचाया जाएगा। तालाबों को भरने से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसानों को आवश्यक जल उपलब्ध होगा।