📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dietmar Rabich
बिज़नेस
महाराष्ट्र का पहला ‘आउटलेट मॉल ऑफ इंडिया’ भीवंडी में खुला, 70% तक की छूट
✍️ Business Standard
🗓 22 सित. 2026, 03:17 AM
👁 17
महाराष्ट्र के सबसे बड़े आउटलेट मॉल ने भीवंडी में द्वार खोले, 70% तक की छूट और 365 दिन खुला रहने का वादा किया।
महाराष्ट्र के सबसे बड़े "आउटलेट मॉल ऑफ इंडिया" ने भीवंडी में आधिकारिक तौर पर अपना उद्घाटन किया है। इस मॉल में कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों के स्टोर हैं, जहाँ सामान्य कीमतों पर 70 % तक की भारी छूट मिलती है।
यह केंद्र मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों के मूल्य‑सचेत खरीदारों के लिए एक ही जगह पर सभी आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है, और 365 दिन बिना बंद हुए खुला रहेगा। इस तरह का निरंतर संचालन सप्ताहांत और कार्यदिवस दोनों में ग्राहक आकर्षित करने की रणनीति है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मॉल राज्य के रिटेल परिदृश्य को बदल सकता है, जिससे उपभोक्ताओं की छूट‑उन्मुख खरीदारी की प्रवृत्ति बढ़ेगी। अभी तक आगंतुकों की संख्या का आंकड़ा नहीं आया है, पर प्रबंधन का अनुमान है कि यह पश्चिमी भारत के मूल्य‑सचेत खरीदारों के लिए प्रमुख आकर्षण बन जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने इस परियोजना का स्वागत किया है, क्योंकि यह भीवंडी में रोजगार सृजन और सहायक सेवाओं के विकास में योगदान देगी। मॉल का उद्घाटन क्षेत्र की आर्थिक विविधता को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाता है, जहाँ अब लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण के अलावा रिटेल भी एक महत्वपूर्ण सेक्टर बन रहा है।
यह केंद्र मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों के मूल्य‑सचेत खरीदारों के लिए एक ही जगह पर सभी आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है, और 365 दिन बिना बंद हुए खुला रहेगा। इस तरह का निरंतर संचालन सप्ताहांत और कार्यदिवस दोनों में ग्राहक आकर्षित करने की रणनीति है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मॉल राज्य के रिटेल परिदृश्य को बदल सकता है, जिससे उपभोक्ताओं की छूट‑उन्मुख खरीदारी की प्रवृत्ति बढ़ेगी। अभी तक आगंतुकों की संख्या का आंकड़ा नहीं आया है, पर प्रबंधन का अनुमान है कि यह पश्चिमी भारत के मूल्य‑सचेत खरीदारों के लिए प्रमुख आकर्षण बन जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने इस परियोजना का स्वागत किया है, क्योंकि यह भीवंडी में रोजगार सृजन और सहायक सेवाओं के विकास में योगदान देगी। मॉल का उद्घाटन क्षेत्र की आर्थिक विविधता को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाता है, जहाँ अब लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण के अलावा रिटेल भी एक महत्वपूर्ण सेक्टर बन रहा है।